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खेती में वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं - मंत्री

Updated at : 23 Dec 2025 5:25 PM (IST)
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खेती में वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं - मंत्री

किसान दिवस पर धनगाई फार्म में आयोजन, 266 किसानों ने लिया भाग

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किसान दिवस पर धनगाई फार्म में आयोजन, 266 किसानों ने लिया भाग 10 प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय की 14 छात्राओं ने लिया हिस्सा प्रतिनिधि, बिक्रमगंज. कृषि विज्ञान केंद्र बिक्रमगंज ने सोमवार को धनगाई फाॅर्म में किसान दिवस का आयोजन किया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सम्मानित करने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती एवं आयवर्धन के उपायों की जानकारी देना था. कार्यक्रम में कुल 266 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 94 पुरुष किसान एवं 172 महिला किसान शामिल रहीं. कृषि के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले 10 प्रगतिशील किसानों अर्जुन सिंह, लाल बाबू सिंह, सुनील कुमार, मनोज कुमार, धनंजय सिंह, मुन्नी देवी, अंजू देवी सहित अन्य को सम्मानित किया गया. इस कार्यक्रम में वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय की 14 छात्राएं भी उपस्थित रहीं. इस अवसर पर माननीय कृषि मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से किसानों को संबोधित किया. उन्होंने किसानों को देश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला बताते हुए प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण एवं वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने नयी जी रामजी योजना की जानकारी दी. बताया कि इस योजना के तहत 125 कार्य दिवस की गारंटी दी जायेगी, जिससे बुआई और कटाई के समय मजदूरों की समस्या दूर होगी. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्र प्रधान आरके जलज ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र का उद्देश्य वैज्ञानिक शोध को किसानों तक पहुंचाना है, ताकि वे कम लागत में अधिक उत्पादन कर सके. उन्होंने फसल चक्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक ही फसल बार-बार लगाने से मृदा की उर्वरता घटती है, जबकि दलहनी फसलों को शामिल करने से मृदा में नाइट्रोजन बढ़ती है और लागत कम होती है. संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी उद्यान वैज्ञानिक डॉ. रतन कुमार ने मृदा परीक्षण को आवश्यक बताते हुए कहा कि बिना जांच के उर्वरकों का प्रयोग अनावश्यक खर्च बढ़ाता है. उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी. साथ ही गोबर, गोमूत्र, जीवामृत, घनजीवामृत एवं जैविक घोल के उपयोग से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने फसल विविधीकरण, बागवानी, सब्जी उत्पादन एवं अंतरफसली खेती को आय बढ़ाने का साधन बताया. कार्यक्रम में केंद्र के कर्मी प्रवीण पटेल, एचपी शर्मा, अभिषेक कौशल, नवीन कुमार, राकेश कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे. अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया. किसानों ने आयोजन को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG SHARAN

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