कई मुहल्लों में जलापूर्ति हुई बाधित, पेयजल की हो रही किल्लत
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 16 Jun 2024 9:38 PM
शहर के कई इलाकों में नल जल के माध्यम से जलापूर्ति बाधित है. जिस कारण लोगों को पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. गर्मी अपने चरम पर है. ऐसे में लोगों के घरों में लगे चापाकल भी धोखा दे रहे हैं.
शहर के कई इलाकों में नल जल के माध्यम से जलापूर्ति बाधित है. जिस कारण लोगों को पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. गर्मी अपने चरम पर है. ऐसे में लोगों के घरों में लगे चापाकल भी धोखा दे रहे हैं. अधिकतर चापाकल सूख जा रहे हैं. जिन घरों में डेढ़ सौ से दो सौ फीट गहरे बोरिंग लगाये गये हैं. वहां भी मुश्किल से पानी निकल पा रहा है. 50 से 60 फुट नीचे जिन चपकालों का पाइप गया है. वह दिन में चार पांच बार सूख जा रहे हैं. जिसमें बार-बार पानी डालकर जलस्तर ऊपर लाना पड़ रहा है. मोटर से पानी को टंकी में चढ़ाने में भी काफी दिक्कत हो रही है. शहर के दहियावां, मोहन नगर, गुदरी, गांधी चौक, नेहरू चौक, नगर पालिका चौक, साधनापुरी आदि इलाकों में नियमित रूप से पानी की सप्लाइ नहीं हो रही है. नगर पालिका चौक के आसपास के मुहल्ले में कई बार सुबह के शिफ्ट में काफी देर से पानी सप्लाइ किया जा रहा है. जिस कारण सुबह के समय में लोगों को घरेलू कामकाज निबटाने में काफी परेशानी हो रही है. शहर में ऐसे कई घर हैं. जो सिर्फ नल जल के आपूर्ति पर ही निर्भर हैं. ऐसे लोगों को भारी समस्या से जूझना पड़ रहा है. वहीं कई ऐसे स्लम इलाके भी हैं. जहां पर नल जल के माध्यम से ही सभी दैनिक कार्यों का निबटारा किया जाता है. इन इलाकों में भी सुबह-शाम के शिफ्ट में पानी की कटौती हो जाने से लोग परेशान दिख रहे हैं और इन लोगों की परेशानी का हल नहीं निकल रहा. मेंटेनेंस के लिए प्लंबर की बढ़ गयी डिमांड : गर्मी के कारण जिन इलाकों में जलस्तर प्रभावित हुआ है और बार-बार चापाकल सूख जा रहे हैं या बोरिंग में कोई खराबी आ जा रही है. उसे ठीक कराने के लोग दिनभर परेशान रह रहे हैं. जिसके कारण ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है. इस कारण प्लंबर भी सुबह से ही अलग-अलग मुहल्ले में जाकर मेंटेनेंस कार्य में जुट जा रहे हैं. वहीं पीएचइडी विभाग द्वारा भी मरम्मती दल को चापाकलों के मेंटेनेंस का निर्देश दिया गया है. जिनके द्वारा शहर के विभिन्न मुहल्ले में खराब पड़े सरकारी चपकालों की मरम्मती की जा रही है. हालांकि अभी भी शहर में कई ऐसे चापाकल हैं. जो मेंटेनेंस के अभाव में बेकार पड़े हैं. खासकर बाजार वाले इलाकों में सरकारी चापाकल सूख जाने से लोगों की समस्या बढ़ गयी है. बाजार आये लोग दुकान से पानी खरीद कर पीने को मजबूर हैं. पानी के जार व गैलन की बढ़ी डिमांड पेयजल की किल्लत होते ही लोग बाजार से पानी के जार व गैलन खरीद कर मंगा रहे हैं. वहीं शहर के जितने भी आरो वाटर सप्लाइ करने वाले संचालक हैं. वह सुबह पांच बजे से ही अपने वेंडर को पानी का गैलन लेकर सप्लाइ के लिए भेज दे रहे हैं. संचालकों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से जार वाले पानी की डिमांड में काफी बढ़ोतरी हुई है. पहले जो लोग सिर्फ दिन भर में एक जार पानी मंगाते थे. अब वह दो से तीन जार पानी पीने के लिए मंगा रहे हैं. वहीं विभिन्न सरकारी व निजी कार्यालय में भी सुबह, दोपहर व शाम तीन शिफ्ट में पानी का जार सप्लाइ किया जा रहा है. क्या कहते हैं नगर आयुक्त सभी मुहल्लों में नल जल के माध्यम से नियमित रूप से सप्लाइ की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. जिन इलाकों में जल मीनार है. वहां सुबह, दोपहर और शाम के शिफ्ट में निर्धारित शेड्यूल पर सप्लाइ दिया जा रहा है. कुछ इलाकों में पानी के टैंकर से भी सप्लाइ हो रही है. जहां पाइपलाइन में लीकेज या किसी अन्य समस्या की जानकारी मिल रही है. वहां तुरंत मेंटेनेंस करा दिया जा रहा है.
सुमीत कुमार, नगर आयुक्त, छपरा नगर निगम
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