saran news : बस की छत पर बैठकर यात्रा करना जानलेवा, पर नहीं लग रही रोक

saran news : यातायात नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई नहीं होने से चालकों के बढ़ रहे हौसले
बनियापुर. सड़क पर यातायात के दौरान आये दिन हो रहे हादसों के आंकड़े दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं. इसक कम करने के उद्देश्य से कभी सड़क सुरक्षा सप्ताह, तो कभी पुलिस सप्ताह के तहत सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जाता है.
मगर इन कार्यक्रमों का कुछ खासा असर नहीं दिख रहा है. यातायात नियमों को सख्ती से पालन करने को लेकर जिला प्रशासन ने कई दिशा-निर्देश जारी किये हैं. मसलन वाहनों को गति सीमा के अंदर चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात न करना, बस की छत पर यात्रियों को नहीं बैठाना, दो पहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट का उपयोग करना आदि. इसके बावजूद इसके सड़कों पर जमकर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं. प्रशासनिक सख्ती का भय नहीं होने की वजह से वाहन चालक द्वारा बड़े वाहनों की छत पर एवं वाहन के अंदर क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर बेरोक-टोक परिचालन किया जा रहा है. कई बार छत पर सवार यात्रियों को करेंट की चपेट में आने और पेड़ों की टहनियों से टकराने की वजह से जान तक गंवानी पड़ी है. मगर अब भी स्थिति में सुधार नहीं हो सका है.तेजी से वाहन चलाते हैं चालक
वाहन चालकों द्वारा निर्धारित गति सीमा से काफी तेज गति से वाहन चलाये जाने से हर समय दुर्घटना का भय बना रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही बाइक पर दो लोग सवार होने के बजाय तीन से चार लोग बैठकर बगैर हेलमेट के घूमते रहते हैं, जो यातायात नियमों को मुंह चिढ़ाता नजर आता है. वहीं, मालवाहक गाड़ी भी ओवरलोडेड माल लादकर परिचालन करते हैं, जिस वजह से चालक कई बार अनियंत्रित हो स्वयं अथवा दूसरे को अपनी चपेट में ले लेते हैं. आगे निकलने की होड़ में वाहन चालक हमेशा गलत लेन से ओवरटेक करते हैं. इस कारण आये दिन हादसे हो रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण चालकों को परिवहन नियमों की माकूल जानकारी नहीं होना है.नशे की हालत में भी वाहन चलाने से हो रहे हादसे
चौक-चौराहों पर उपस्थित रहने वाले लोगों की माने, तो कई चालक नशापान कर वाहन चलाते हैं, जो हादसे का कारण्द बनता है. इसकी पुष्टि कई बार दुर्घटना के दौरान चालक का नशे में पाये जाने से होता रहा है. हालांकि समय-समय पर स्थानीय पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के वाहन का चालान भी काटा जाता है. मगर यातायात नियमों में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है. दुपहिया वाहनों पर चलने वाले लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. आंकड़ों पर गौर करें, तो स्थिति साफ नजर आती है कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा जान गंवाने वाले दुपहिया वाहन के चालक हैं.सड़कों पर दौड़ रहे दो दशक पुराने खटारा वाहन
व्यवसायिक वाहनों के साथ-साथ छोटे-बड़े निजी खटारा वाहन भी काफी संख्या में सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं. बताया जाता है कि इन वाहनों के फिटनेस व प्रदूषण का सर्टिफिकेट तो दूर, इन वाहनों में अधिकांश का कोई कागज भी नहीं है. इन खटारा वाहनों में सबसे अधिक ट्रैक्टर, जीप, स्कूटर व बाइक है, जिनकी वजह से भी दुर्घटनाएं होती रहती हैं. जब-जब वाहनों की चेकिंग शुरू होती है, तब-तब वाहन चालक अपने वाहनों को गैरेज में छिपाकर रख देते हैं. चेकिंग समाप्त होने के बाद फिर से इनके वाहन सड़क पर दौड़ने लगते हैं. वही, बनियापुर के कुछ निजी विद्यालयों द्वारा बच्चों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंस कर ले जाया जा रहा है, जो हादसे का कारण बन रहा है.अप्रशिक्षित चालक भी हादसे के लिए जिम्मेदार
अप्रशिक्षित चालक भी हादसे के लिए जिम्मेदार हैं. बिना कोई परीक्षा पास किये ही ज्यादातर चालक जुगाड़ तकनीक के सहारे लाइसेंस निर्गत करा लेते हैं. इसके बाद सड़कों पर गाड़ियां दौड़ाने लगते हैं. इस बीच अनुभव के अभाव में स्वयं अथवा दूसरे को दुर्घटना का शिकार बनाते रहते हैं. विभागीय नियमों के अनुसार जब तक आप स्वयं जाकर अपना पेपर नहीं देंगे और आप ट्रायल में पास नहीं होंगे, तब तक आपको ड्राविंग लाइसेंस नहीं दिया जायेगा. मगर जुगाड़ के सहारे ज्यादातर लोग नियमों के पालन किये बिना ही लाइसेंस बनवाने में सफल हो जाते हैं. परिवहन नियमों की जानकारों की माने, तो दुर्घटना में कमी लाने के लिए विभागीय स्तर पर वाहन चालकों को समुचित प्रशिक्षण देने के बाद ही सड़क पर वाहन चलाने का लाइसेंस निर्गत होना चाहिए एवं प्रशासन को यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बरतनी चाहिए, ताकि बढ़ती सड़क दुर्घटना की दर में कमी लायी जा सके.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




