saran news : सोनपुर विश्व विख्यात हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला महोत्सव का सरकारी स्तर पर औपचारिक समापन बीते दस दिसंबर को हो चुका है. लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिलकुल अलग नजर आ रही है. सरकारी कार्यक्रम समाप्त होने के बावजूद मेला क्षेत्र में आज भी भारी भीड़ उमड़ रही है और लोकल मेला पूरे उफान पर है. सोमवार जैसे सामान्य कार्य दिवस में भी मेले में लोगों की चहल-पहल यह सवाल खड़ा कर रही है कि क्या स्थानीय प्रशासन ने वास्तव में समापन के बाद की स्थिति पर कोई गंभीर निगरानी नहीं रखी है. लोकल मेले में झूले, मनोरंजन के साधन और अस्थायी दुकानें लगातार संचालित हैं. बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग झूलों का आनंद ले रहे हैं. जबकि ऊनी कपड़े, घरेलू सामान, खिलौनों और खानपान की दुकानों पर जमकर खरीद-बिक्री हो रही है. भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आपात स्थिति से निबटने की तैयारियों को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी समापन के बाद भी मेला क्षेत्र में न तो पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती दिखायी दे रही है और न ही झूलों व दुकानों की सुरक्षा जांच को लेकर कोई सख्ती नजर आ रही है. इससे किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता. प्रशासनिक उदासीनता के बीच मेला क्षेत्र में व्यवस्थाएं पूरी तरह दुकानदारों और ठेकेदारों के भरोसे चलती दिख रही हैं. कुल मिलाकर सोनपुर मेला सरकारी तौर पर भले ही समाप्त घोषित कर दिया गया हो, लेकिन लोकल मेले की अनियंत्रित भीड़ और प्रशासन की ढीली निगरानी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है. समय रहते यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह लापरवाही भविष्य में बड़ी घटना का कारण भी बन सकती है.
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