सारण: पूर्व मुखिया के भतीजे सैन्य जवान सुधांशु शेखर और उनके पिता का बेतिया में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

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राजकीय सम्मान

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Sudhanshu Shekhar Singh: मांझी प्रखंड के बंगरा निवासी पूर्व मुखिया जितेंद्र सिंह के बड़े भाई सुरेश सिंह और उनके पुत्र, सेना के जवान सुधांशु शेखर सिंह का सोमवार देर शाम राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. सेना के जवानों ने अपने दिवंगत साथी को अंतिम विदाई दी.

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Sudhanshu Shekhar Singh: मांझी प्रखंड के बंगरा निवासी पूर्व मुखिया जितेंद्र सिंह के बड़े भाई सुरेश सिंह एवं उनके पुत्र, सेना के जवान सुधांशु शेखर सिंह का सोमवार देर शाम उनके वर्तमान निवास स्थान बेतिया में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. सेना के जवानों ने अपने दिवंगत साथी को सशस्त्र सलामी दी. अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में परिजन, स्थानीय लोग और सेना से जुड़े लोग मौजूद रहे.

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शव के बेतिया स्थित आवास पर पहुंचते ही परिजनों के करुण क्रंदन से पूरा माहौल गमगीन हो गया. अपने प्रियजन के अंतिम दर्शन के लिए परिवार के सदस्यों और परिचितों की भीड़ जुट गयी. अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान माहौल भावुक रहा.

सेना के जवानों ने दी सशस्त्र सलामी

सुधांशु शेखर सिंह के पार्थिव शरीर को सेना के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाया. इस दौरान सैन्य परंपरा के अनुसार उन्हें सशस्त्र सलामी दी गयी. साथी जवानों ने दिवंगत सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित की.

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किये जाने से परिजनों और ग्रामीणों के बीच भी भावुक माहौल रहा. सेना के जवानों की मौजूदगी में अंतिम विदाई की प्रक्रिया पूरी की गयी.

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बंगरा गांव से था गहरा नाता

सुधांशु शेखर सिंह का परिवार मूल रूप से मांझी प्रखंड के बंगरा गांव का रहने वाला है. उनके पिता सुरेश सिंह और चाचा जितेंद्र सिंह का क्षेत्र में सामाजिक जुड़ाव रहा है. जितेंद्र सिंह पूर्व में बंगरा पंचायत के मुखिया रह चुके हैं.

सुधांशु के निधन की खबर गांव पहुंचने के बाद बंगरा में भी शोक की लहर दौड़ गयी. ग्रामीणों ने उनके निधन पर दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.

परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल हुआ गमगीन

पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. परिवार के सदस्यों को विश्वास नहीं हो रहा था कि उनका अपना अब उनके बीच नहीं है. अंतिम दर्शन के दौरान मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गयीं.

परिजनों और परिचितों ने सुधांशु शेखर सिंह के व्यवहार और उनके मिलनसार स्वभाव को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने उनके प्रति सम्मान और जुड़ाव को दर्शाया.

गांव में भी शोक का माहौल

सुधांशु शेखर सिंह के निधन की सूचना मिलने के बाद बंगरा गांव के लोगों में शोक व्याप्त है. ग्रामीणों ने कहा कि सेना में सेवा देकर उन्होंने परिवार के साथ-साथ अपने गांव का भी नाम रोशन किया. उनके असामयिक निधन से गांव ने एक युवा और समर्पित व्यक्ति को खो दिया है.

परिजनों ने बताया कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सैन्य सम्मान के साथ पूरी की गयी. इस दौरान सेना के जवानों और उपस्थित लोगों ने दिवंगत जवान को अंतिम श्रद्धांजलि दी.

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