ePaper

कुतुबपुर गांव गंगा के कटाव की चपेट में, दियारा क्षेत्र में भय का माहौल

Updated at : 09 Nov 2025 10:56 PM (IST)
विज्ञापन
कुतुबपुर गांव गंगा के कटाव की चपेट में, दियारा क्षेत्र में भय का माहौल

डोरीगंज थाना क्षेत्र के कुतुबपुर गांव में गंगा नदी का कटाव अचानक तेज होने से दियारा क्षेत्र के लोगों में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है.

विज्ञापन

छपरा. डोरीगंज थाना क्षेत्र के कुतुबपुर गांव में गंगा नदी का कटाव अचानक तेज होने से दियारा क्षेत्र के लोगों में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है. रविवार सुबह से ही नदी की धार तेजी से गांव की ओर बढ़ रही है, जिससे दर्जनों घरों और खेतों के बह जाने का खतरा मंडरा रहा है.

बताया जा रहा है कि इस दियारा क्षेत्र में तीन पंचायतें कोटवापट्टी रामपुर, कुतुबपुर और समीपवर्ती इलाकों पर कटाव का प्रभाव पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद नदी की धारा तेज होने से भूमि धंसान की स्थिति बनी हुई है. ग्रामीणों में भय व दहशत का माहौल पूरी तरह बना हुआ है. लोग कटाव स्थल की लगातार निगरानी कर रहे हैं. वहीं प्रशासन से भी मदद की गुहार लगायी गयी है. कई लोग जिनके घर कटाव स्थल से नजदीक हैं. वह भी डरे सहमे हैं.

लोककवि भिखारी ठाकुर के गांव पर भी कटाव का खतरा

भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले लोककवि भीखारी ठाकुर का पैतृक गांव कुतुबपुर भी इस कटाव की चपेट में है. बावजूद इसके अब तक प्रशासन या जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई राहत या बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तटबंध निर्माण और त्वरित राहत की मांग की है, ताकि लोगों के घर और जीविका सुरक्षित रह सकें. बढ़ते कटाव ने पूरे क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि भिखारी ठाकुर का गांव पहले ही बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है. वहीं अब कटाव की चपेट में अगर यह गांव आता है तो भारी नुकसान होगा. इस गांव की पहचान बनी रहे इसके लिए प्रशासन को युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव का कार्य शुरू किया जाना चाहिए.

हर साल बाढ़ से जूझते हैं यहां के लोग

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि हर साल वह बाढ़ से जूझते हैं. खेती व अन्य गतिविधियों पर काफी प्रभाव पड़ता है. शहर से संपर्क लगभग टूट जाता है. तटबंधों की निगरानी के लिए कोई व्यापक इंतजाम नहीं है. वही बाढ़ आने से पहले यदि कटाव रोधी कार्य किया जाता तो आज यह स्थिति नहीं होती. ग्रामीण कृषकों ने कहा कि बाढ़ के कारण खेती पहले ही प्रभावित हुई है. वहीं अन्य रोजगार भी पर भी संकट है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ALOK KUMAR

लेखक के बारे में

By ALOK KUMAR

ALOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन