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Saran News : नये भवन में अबतक शिफ्ट नहीं हुआ आइसीयू, मरीज परेशान

Updated at : 03 Sep 2025 8:31 PM (IST)
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Saran News : नये भवन में अबतक शिफ्ट नहीं हुआ आइसीयू, मरीज परेशान

सदर अस्पताल की आइसीयू पिछले दो माह से पूरी तरह से बंद है. इस कारण मरीजों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.

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छपरा. सदर अस्पताल की आइसीयू पिछले दो माह से पूरी तरह से बंद है. इस कारण मरीजों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. विदित हो की पुराने भवन को तोड़कर उक्त जगह पर मॉडल अस्पताल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है, वहीं पुराने भवन के टूटने के बाद से अब तक आइसीयू के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा सकी है. आइसीयू बंद होने का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है. गंभीर स्थिति वाले मरीजों को भर्ती करने के बजाय सीधे पटना रेफर किया जा रहा है. अस्पताल प्रशासन की इस लापरवाही पर मरीज और उनके परिजन दोनों में नाराजगी हैं. इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद ने बताया कि फिलहाल आइसीयू विभाग पूरी तरह से बंद है. चिकित्सकों की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है. हालांकि उन्होंने बताया कि अगले महीने से नये चिकित्सकों की बहाली होने की संभावना है. इसके साथ ही अस्पताल में चार बेड का आइसीयू विभाग भी तैयार किया जायेगा.

गंभीर मरीजों के लिए बेहतर विकल्प था आइसीयू

आइसीयू विभाग गरीब और गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होता था. यहां गंभीर हालत में लाये गये मरीजों का इलाज बेहतर सुविधा के साथ किया जाता था. आइसीयू में उपलब्ध मशीनें और चिकित्सकों की देखरेख में मरीजों को तत्काल उपचार मिलता था. आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों के लिए यह विभाग किसी वरदान से कम नहीं था, क्योंकि निजी अस्पतालों में भर्ती कराने और इलाज कराने में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

24 घंटे उपलब्ध रहती थीं सुविधाएं

आइसीयू विभाग में भर्ती मरीजों को 24 घंटे ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और मॉनिटरिंग की सुविधा दी जाती थी. वहीं गंभीर स्थिति में भी गरीब मरीजों को बिना आर्थिक दबाव के उचित इलाज उपलब्ध हो पाता था. आइसीयू विभाग से कई मरीजों की जिंदगी बचायी गयी है. अब जब यह विभाग बंद है तो मरीजों को निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ रही है, जहां इलाज का खर्च गरीब परिवारों के लिए वहन करना मुश्किल हो रहा है.

क्या कहते हैं प्रबंधक

अस्पताल नये भवन में आने के बाद इसमें आइसीयू की सुविधा अभी शुरू नहीं हुई है. अगर किसी मरीज इसको आइसीयू की जरुरत है तो उसको इमरजेंसी में ही रख कर उसका इलाज होता है. नये भवन में आइसीयू के शुरू होने में लगभग एक महीने का वक्त लग सकता है.

राजेश्वर प्रसाद, प्रबंधक, सदर अस्पताल

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAH ABID HUSSAIN

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By SHAH ABID HUSSAIN

SHAH ABID HUSSAIN is a contributor at Prabhat Khabar.

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