saran news : छपरा. अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे चरण में शुक्रवार को नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों की टीम दारोगा राय चौक से काशी बाजार रोड में पहुंची.
टीम के पहुंचते ही दुकानदारों में हड़कंप मच गया. सभी अपना-अपना सामान लेकर इधर-उधर भागने लगे. जब तक वह अपनी दुकान को संभाल पाते, तब तक निगम का बुलडोजर अपना काम कर चुका था. अभियान के तहत 80 से अधिक दुकानदारों पर कार्रवाई हुई और 30 दुकानदार और मकान मालिक के अतिक्रमण तोड़े गये. इस दौरान कई बार अधिकारियों और दुकानदारों के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक भी हुई.बुलडोजर पहुंचते ही अतिक्रमणकारियों में मचा हड़कंप
अतिक्रमण की वजह से शहर की सभी सड़कें सिकुड़ चुकी हैं. जिन सड़कों की चौड़ाई 18 से 20 फुट तक थी, वह 10 से 12 फुट बची हुई है. जिन सड़कों की चौड़ाई 40 से 50 फुट तक थी, वह 20 से 22 फुट बची हुई है. इसी तरह जो गालियां पांच से आठ फुट तक चौड़ी है वह सिमट कर तीन फीट की हो चुकी है. शुक्रवार को जैसे ही दारोगा राय चौक पर नगर निगम का बुलडोजर पहुंचा. करीब दो किलोमीटर तक इसकी खबर पहुंच चुकी थी. फिर क्या था मिनट भर में अतिक्रमणकारियों में भगदड़ मच गयी. दुकानदार अपना-अपना सामान लेकर भागने लगे. जो भी अतिक्रमण में निर्माण थे, उसे तोड़ दिया गया और यह सड़क 40 से 50 फुट तक चौड़ी दिखने लगी.आज सलेमपुर चौक से मेवा लाल चौक तक के लिए निकलेगी टीम
अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत शनिवार को नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम सलेमपुर चौक से मेवा लाल चौक तक अभियान चलायेगी. करीब डेढ़ किलोमीटर तक यह अभियान चलेगा और सेवालाल चौक के आसपास के इलाकों तक पहुंचेगी. इसके बीच में लगभग 1000 मकान आयेंगे. नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार 70 से अधिक ऐसे मकान चिह्नित किये गये हैं, जिनके द्वारा नाले पर अतिक्रमण किया गया है. डेढ़ सौ ऐसे मकान हैं, जिनके द्वारा जानबूझकर सड़क पर सीढ़ी और छज्जा बनाया गया है. इन सभी निर्माण को तोड़ा जायेगा.एक तरफ चल रहा बुलडोजर, तो दूसरी तरफ काबिज हो रहे अतिक्रमणकारी
अतिक्रमण हटाओ अभियान पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि कई बार की कार्रवाई के बाद भी कई दुकानदार दोबारा अतिक्रमण करने से बाज नहीं आ रहे हैं. शुक्रवार को छपरा जंक्शन रोड में यही स्थिति देखने को मिली, अतिक्रमण हटाये जाने के कुछ ही देर बाद दुकानदारों ने फिर से बीच रोड पर ठेला और खोमचा लगा लिया. कुछ लोगों ने विरोध किया, तो वह उन्हीं से भिड़ गये. लोगों का कहना है कि अभियान के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है जुर्माना लगाया जाना.
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