सारण सदर अस्पताल में बदली ओपीडी की तस्वीर, सेकेंड शिफ्ट में भी समय पर मिल रहा इलाज

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सेकेंड शिफ्ट में रजिस्ट्रेशन कराने वाले 80 फीसदी मरीजों का हो रहा इलाज

ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे मरीज | Prabhat Khabar

Saran Sadar Hospital OPD: सारण सदर अस्पताल में सेकेंड शिफ्ट की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. समय पर डॉक्टरों की उपलब्धता और नियमित मॉनिटरिंग से इलाज व्यवस्था में सुधार हुआ है. रोजाना करीब 900 मरीज ओपीडी पहुंच रहे हैं.

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Saran Sadar Hospital OPD: सदर अस्पताल की ओपीडी में अब पहले शिफ्ट के साथ-साथ सेकेंड शिफ्ट में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह निर्धारित समय पर चिकित्सकों की उपलब्धता और मरीजों को समय पर परामर्श मिलना है. दोपहर बाद इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है. सेकेंड शिफ्ट में प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं, जिनमें 150 से 160 मरीजों का निर्धारित समय के भीतर इलाज किया जा रहा है.

पहले सेकेंड शिफ्ट में पसरा रहता था सन्नाटा

करीब डेढ़ माह पहले तक सेकेंड शिफ्ट में रजिस्ट्रेशन कराने वाले मरीजों की संख्या काफी कम थी. जिन मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता भी था, उन्हें समय पर चिकित्सकीय परामर्श नहीं मिल पाता था. इसके कारण अधिकांश मरीज निराश होकर लौट जाते थे. दोपहर तीन बजे के बाद ओपीडी लगभग खाली हो जाती थी, लेकिन अब शाम 4:30 बजे तक मरीजों की आवाजाही बनी रहती है.

रोजाना 900 के करीब हो रहे ओपीडी रजिस्ट्रेशन

मार्च 2026 तक सदर अस्पताल की ओपीडी में पहले और दूसरे शिफ्ट को मिलाकर प्रतिदिन औसतन 700 मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता था. पिछले दो-तीन महीनों में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मई और जून में प्रतिदिन औसतन 850 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि जुलाई में यह संख्या बढ़कर करीब 900 प्रतिदिन पहुंच गई है. सोमवार को दोनों शिफ्ट मिलाकर कुल 923 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जिनमें 824 मरीजों का इलाज किया गया. इसके अलावा 130 पुराने रजिस्ट्रेशन वाले मरीजों को भी चिकित्सकीय परामर्श दिया गया.

फर्स्ट शिफ्ट की भीड़ में भी आई कमी

सेकेंड शिफ्ट में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध होने से फर्स्ट शिफ्ट में भी मरीजों की भीड़ कम हुई है. पहले दोपहर तीन बजे के बाद अधिकांश चिकित्सक विभाग से चले जाते थे, जिससे सेकेंड शिफ्ट के मरीजों को परेशानी होती थी. इसी कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज सुबह आठ बजे से ही रजिस्ट्रेशन के लिए कतार में लग जाते थे. अब सेकेंड शिफ्ट में भी समय पर इलाज मिलने से मरीजों को काफी राहत मिली है.

उपाधीक्षक की मॉनिटरिंग से सुधरी व्यवस्था

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. केएम दुबे लगातार ओपीडी की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. पिछले एक महीने में उन्होंने पहले और दूसरे शिफ्ट में करीब 14 बार औचक निरीक्षण किया है. निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं. कई अवसरों पर चिकित्सकों की अनुपस्थिति में डॉ. दुबे ने स्वयं मरीजों का इलाज भी किया.

क्या बोले उपाधीक्षक

उपाधीक्षक डॉ. केएम दुबे ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि रजिस्ट्रेशन कराने के बाद कोई भी मरीज बिना इलाज और दवा लिए वापस न लौटे. मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना अस्पताल की प्राथमिकता है.

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