छपरा. छपरा जंक्शन के स्वचालित दुर्घटना राहत ट्रेन को फाइव एस सर्टिफिकेट प्रदान किया गया. यह अत्याधुनिक वर्क मैनेजमेंट सिस्टम सर्टिफिकेट गुरुवार को क्वालिटी सर्किल फोरम ऑफ इंडिया ने प्रदान किया. यह जानकारी वाराणसी मंडल के जनसंपर्क पदाधिकारी अशोक कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि यह सर्टिफिकेशन प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर नरेश कुमार एवं मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन द्वारा लक्ष्य के निर्धारण, सटीक मार्गदर्शन और कर्मचारियों के अथक परिश्रम से प्राप्त हुआ. वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर(कैरेज एण्ड वैगन) अनुभव पाठक के नेतृत्व में छपरा में उपयोग किये जा रहे दुर्घटना राहत यान स्पार्ट को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त किया गया और इससे जुड़े सभी विभागों द्वारा संसाधन व उपकरणों की आवश्यकता को पूरा करने के बाद इस सेल्फ प्रोपेल्ड ट्रेन को थर्ड पार्टी के माध्यम से सर्वे करवाया गया. इस सर्वे में जापानी प्रक्रिया और तकनीकियों का प्रयोग किया गया और सभी बिंदुओं पर क्रमवार कार्य किया गया. बहुत ही नियोजित तरीके से एक एक छोटे बड़े समान, टूल, कीटों तथा मशीनों का स्थान प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर दिया गया.
क्विक रिस्पॉन्स में होगा सहायक
दुर्घटना के समय तत्काल उपयोगों हेतु लाल, हरा, नीला जोन को चिन्हित करने से प्राथमिक, तत्काल आवश्यक, अति आवश्यक, सामान्य की श्रेणी में चिन्हांकित किये जाने से आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में समय बचेगा. परिणामस्वरूप राहत और बचाव कार्य में अपेक्षित लाभ होगा. फाइव एस प्रबंधन में हर सामग्री, वस्तु और उपकरण को यथोचित स्थान सुनिश्चित करने के साथ साथ उपकरणों का नाम, उससे संबंधित सूचना, प्रयोग विधि इत्यादि का नियमावली बनाने से किसी भी सामान या उपकरण की जानकारी अत्यंत कम समय में प्राप्त हो सकेगी. मेडिकल उपकरणों यथा स्ट्रेचर, मेडिसिन व सर्जिकल समान को ऑपरेशन थिएटर और वार्ड के नजदीक रखे जाने से घायल यात्रियों को तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचने में सहयोग मिलेगा.कर्मचारी भी किये गये प्रशिक्षित
किसी भी आपात स्थिती से त्वरित गति से निपटने के लिए राहत ट्रेन के कर्मियों को भी विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है. उन्हें अग्निशामक यंत्रों को प्रयोग करने के साथ अन्य उपकरण के उपयोग के लिए ज्यादा प्रशिक्षित किया गया है. प्रमाण पत्र प्रक्रिया के दौरान सुझावों के फलस्वरूप अधिकांश संख्या में स्पार्ट यान के स्टाफ अब आकस्मिक चिकित्सा में भी प्रशिक्षित हो चुके हैं. यान में तैनात कर्मचारियों का नियमित स्वास्थ्य परिक्षण करने से उत्तम स्वास्थ्य वाले कार्य में निपुण कर्मचारी ही यान पे रहेंगे. जिनके मनोबल से रेल की मानवीय व भौतिक सम्पत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

