पैन नंबर के अभाव में विवि के सभी कॉलेजों में कार्य ठप

छपरा : जयप्रकाश विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों के बैंक एकाउंट सीज कर दिये गये है. यह आदेश यूजीसी, यूनिवर्सिटी, राजभवन या सरकार ने तो सीधे नहीं दिया है, बल्कि यह नोटबंदी के साइड इफेक्ट के तौर पर सामने आया है. बैंक कॉलेजों के खातों से जमा निकासी के लिए संस्थान का पैन नंबर मांग रहे […]
छपरा : जयप्रकाश विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों के बैंक एकाउंट सीज कर दिये गये है. यह आदेश यूजीसी, यूनिवर्सिटी, राजभवन या सरकार ने तो सीधे नहीं दिया है, बल्कि यह नोटबंदी के साइड इफेक्ट के तौर पर सामने आया है. बैंक कॉलेजों के खातों से जमा निकासी के लिए संस्थान का पैन नंबर मांग रहे है और किसी की कॉलेज के पास यह मौजूद नहीं. जिसके अभाव में शिक्षकों के वेतन से लेकर अन्य मद की राशि देने से बैंकों ने मना कर दिया है. ऐसे में कॉलेजों के सामने विकट समस्या पैदा हो गयी है. इस दायरे में राजेंद्र कॉलेज व रामजयपाल कॉलेज आ चुके है. जबकि अन्य आने वाले है.
कॉलेजों के पास उनके डीडीओ का टैन एकाउंटहै. जिनके आधार पर खातों का संचालन होता था. शिक्षकों व कर्मियों के अपने पर्सनल पैन एकाउंट की मौजूद है. वेतन भोगी लोग प्रत्येक वर्ष आइटी रिटर्नस भी करते थे. जिनकी कटौती टैन के आधार पर होती थी. परंतु नोटबंदी के बाद आरबीआई व आइटी के नये निर्देशों के अनुसार संस्थानों को ट्रांजक्शन के लिए संस्था का पैन नंबर उपलब्ध कराना होगा. संस्थानों का पैन कार्ड बनवाना व्यक्तिगत पैन बनवाने से अलग प्रक्रिया है. उसके लिए संस्थानों का बाईलॉज, पंजीयन सर्टिफिकेट आदि उपलब्ध कराना पड़ता है. कॉलेजों की स्थापना या मंजूरी इतनी पुरानी है कि उसके कागजात कहां है, वर्तमान प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं. जैसे राजेंद्र कॉलेज को स्वीकृति 1967 में मिली. यही हाल कमोबेश सभी अंगीभूत कॉलेजों की है.
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