लोकतंत्र बचाने के लिए ही बनी उम्मीदवार : गीता

Published at :01 Jul 2016 6:05 AM (IST)
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लोकतंत्र बचाने के लिए ही बनी उम्मीदवार : गीता

छपरा (सदर) : अध्यक्ष पद पर दावेदारी के लिए मैंने पूर्व से कोई रणनीति नहीं बनायी थी. गुरुवार को समाहरणालय सभा कक्ष में एक सोची-समझी राजनीति के तहत निर्विरोध निर्वाचन की रणनीति का जवाब देने के लिए ही मैंने नामांकन किया. ये बातें पराजित अध्यक्ष उम्मीदवार व 95 से ही राजनीति में सक्रिय गीता सागर […]

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छपरा (सदर) : अध्यक्ष पद पर दावेदारी के लिए मैंने पूर्व से कोई रणनीति नहीं बनायी थी. गुरुवार को समाहरणालय सभा कक्ष में एक सोची-समझी राजनीति के तहत निर्विरोध निर्वाचन की रणनीति का जवाब देने के लिए ही मैंने नामांकन किया. ये बातें पराजित अध्यक्ष उम्मीदवार व 95 से ही राजनीति में सक्रिय गीता सागर राम ने कहीं. लोक महाविद्यालय हाफिजपुर से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण व सहाजितपुर थाना क्षेत्र के मेढुका गांव में जन्मी व इसुआपुर भाग एक से जिला पर्षद के लिए निर्वाचित गीता सागर राम ने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षित जिप की सीट में भी पुरुषों की राजनीति पूरी तरह से हावी रही.

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