लापरवाही से बिगड़ सकती है सेहत

Published at :24 Apr 2016 9:15 AM (IST)
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लापरवाही से बिगड़ सकती है सेहत

गरमी के मौसम में ठोस खाद्य पदार्थ से ज्यादा पानी व अन्य पेय पदार्थों को लेना श्रेयस्कर होता है. इस मौसम में लोगों को तैलीय व मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए. इस भीषण गरमी में खान-पान में बरती गयी लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. छपरा : गरमी आते ही न […]

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गरमी के मौसम में ठोस खाद्य पदार्थ से ज्यादा पानी व अन्य पेय पदार्थों को लेना श्रेयस्कर होता है. इस मौसम में लोगों को तैलीय व मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए. इस भीषण गरमी में खान-पान में बरती गयी लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है.
छपरा : गरमी आते ही न सिर्फ खाने के जायके में बदलाव आ जाता है, बल्कि लोगों का हाजमा भी गड़बड़ाने लगता है. गरमी का खासा असर पेट पर पड़ता है. गरमी से शरीर में ऐंठन, पानी की कमी, कमजोरी व लू लगने के अलावा कई अन्य बीमारियों की भी आशंका बनी रहती है.
शरीर में ही पसीना सूखने से चर्म रोग की शिकायत शुरू हो जाती है. ऐसे में जरूरत है कि गरमी के मौसम में अपनी सेहत को स्वस्थ रखने के लिए समय पर भोजन करें, खूब पानी पीएं, सुपाच्य व हल्का भोजन के साथ पेय पदार्थों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें, जिनमें विटामिन व मिनरल पाये जाते हैं. गरमी में पसीना निकलने से विटामिन की कमी हो जाती है. इससे भी कई तरह के रोग उत्पन्न हो जाते हैं. शरीर में रूखापन के अलावा हथेलियां, एड़ियां व तलवे भी फटने लगते हैं.
हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा : गरमी में लू (हीट स्ट्रोक) का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. हल्की सी लापरवाही से परेशानी बढ़ सकती है. तेज बुखार डी-हाइड्रेशन व डायरिया आदि की समस्या हो सकती है.
डॉक्टरों का कहना है कि तेज गरमी में हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. इससे बचने के लिए अपने शरीर को ढक कर ही घर से बाहर निकलें. ज्यादा जरूरी हो, तो दोपहर में घर से बाहर निकलें. अपने साथ टोपी, चश्मा, पानी व छाता आदि साथ अवश्य रखें तथा सेहत ठीक रखने के लिए समय पर भोजन करें.
थोड़े-थोड़े अंतराल पर करें हल्का भोजन
गरमी के मौसम में शरीर से पानी ज्यादा सूखता है. ऐसे में शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पेय पदार्थों का सेवन लाभकारी साबित होगा. इस मौसम में लू शरीर को ज्यादा कुप्रभावित करता है. इससे बचने के लिए ग्लोनाइन का सेवन किया जा सकता है. चीनी-नींबू व नमक का घोल पीते रहना चाहिए. नॉर्मल पानी, जीरा का छाछ, जूस व फल का अधिक सेवन करना चाहिए.
डॉ अनिल कुमार, फिजिशियन
गरमी में बच्चों को बचा कर रखना जरूरी है. बच्चों की मुलायम त्वचा गरम हवा व लू के थपेड़ों को बरदाश्त नहीं कर पाती. समय-समय पर बच्चों को पानी नहीं मिला, तो उनकी सेहत कुप्रभावित हो सकती है. ऐसे में पेट में दर्द, शरीर में ऐंठन, दस्त व उलटी की शिकायत हो सकती है. बुखार भी आ सकता है. ऐसे में बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पानी देना चाहिए. ओआरएस का घोल देना भी काफी फायदेमंद है.
डॉ अशोक कुमार सिंह, शिशु रोग विशेषज्ञ
गरमी आते ही सबसे ज्यादा किसी चीज का ख्याल रखती हूं, वह है डायट. अपने बच्चों को हल्का व लिक्विड भोजन ही ज्यादा देती हूं व खुद भी खाती हूं. डॉक्टरों की सलाह अवश्य लेती रहती हूं. बच्चे धूप में स्कूल जाते हैं, उनके लौटते ही पानी नहीं पीने की सलाह देने के साथ-साथ थोड़ी देर के बाद तरल पेय पदार्थ जैसे सूप आदि देती हूं. फिर रोटी, सब्जी व थोड़ा भात देती हूं. सत्तू भी प्रयोग में लाती हूं.
प्रीति राज कुमारी, गृहणी, साहेबगंज, छपरा
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