फंसेंगे अपराधियों के मकान मालिक

छपरा (सारण) : किरायेदारों का सत्यापन नहीं करानेवाले मकान मालिकों पर शिकंजा कसेगा. पुलिस अधीक्षक सत्यवीर सिंह के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. वैसे सभी मकान मालिकों को सख्त निर्देश दिया गया है, जिन्होंने अपने मकान में किरायेदार रखा है. इसका पालन नहीं करनेवाले मकान मालिकों पर भी कार्रवाई होगी. इसके […]
छपरा (सारण) : किरायेदारों का सत्यापन नहीं करानेवाले मकान मालिकों पर शिकंजा कसेगा. पुलिस अधीक्षक सत्यवीर सिंह के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. वैसे सभी मकान मालिकों को सख्त निर्देश दिया गया है, जिन्होंने अपने मकान में किरायेदार रखा है.
इसका पालन नहीं करनेवाले मकान मालिकों पर भी कार्रवाई होगी. इसके मकान में रहनेवाले किरायेदार को आपराधिक वारदातों में संलिप्त पाया जायेगा, उसके विरुद्ध अपराधियों को संरक्षण देने का दोषी मान कर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. आमजनों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने, विधि व्यवस्था का संधारण करने और अपराधकर्म की घटनाओं पर नियंत्रित करने के उद्देश्य से पुलिस ने यह कदम उठाया है. इसके लिए सभी थानाध्यक्षों को दिशा-निर्देश भी जारी किया गया है.
आदेश की अवहेलना महंगी पड़ेगी : किरायेदार का सत्यापन नहीं करानेवाले मकान मालिकों को महंगा पड़ेगा. सरकारी आदेश की अवहेलना करने तथा अपराधियों को संरक्षण देने का मुकदमा पुलिस चलायेगी. किराये के मकान में रह कर अवैध कार्य करनेवालों के पकड़े जाने पर मकान मालिक को भी दोषी माना जायेगा. मकान मालिक को गलत कार्य-अपराधिक वारदात को अंजाम देनेवाले के संरक्षक के रूप में चिह्नित किया जायेगा.
होटल व लॉज पर भी है कड़ी नजर : शहर में चल रहे होटलों तथा लॉज पर भी पुलिस की कड़ी नजर है. शहर के होटलों तथा लॉजों पर पुलिस के द्वारा औचक छापेमारी की योजना बनायी गयी है.
कभी किसी भी होटल व लॉज पर पुलिस का छापा पड़ सकता है. गलत नाम, पता व पहचान पत्र के आधार पर होटलों में अपराधी पनाह ले रहे हैं और आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. पुलिस से बचने के लिए अपराधियों के द्वारा होटलों-लॉजों को ठिकाना बनाया जा रहा है. होटल में ठहरनेवालों के पहचान पत्रों की ऑनलाइन जांच करने का निर्देश दिया गया है. पहचान पत्रों के फर्जी पाये जाने पर पुलिस को तत्काल सूचित करने की भी सख्त हिदायत दी गयी है. लॉज में रहनेवाले किरायेदारों को भी विस्तृत जानकारी पुलिस को देने को कहा गया है.
जाली नोट का छापाखाना चल रहा था किराये के मकान में : किराये के मकान में दो वर्षों से चलाये जा रहे जाली नोट के छापाखाना का उद्भेदन होने के बाद पुलिस ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है.
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खेमाजी टोले में योगेंद्र यादव के मकान में रह कर अपराधी न केवल लूट-डकैती की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे, बल्कि जाली नोट का छापाखाना भी उसी मकान में दो वर्षों से चला रहे थे. इसके पहले भी साढ़ा ढाले के पास पिछले वर्ष एक लॉज से गिरोह के अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जहां वे छात्र बन कर रहते थे. शहर के कई होटलों से सेक्स रैकेट का भी खुलासा हुआ है.
किराये के ही मकान में मौना में रहनेवाले अपराधियों ने एक ठेकेदार के पुत्र का अपहरण छह माह पहले कर लिया था. एक दशक पहले नगर थाना क्षेत्र के योगिनिया कोठी स्थित किराये के एक मकान से जाली नोट के छापाखाना का उद्भेदन हुआ था. एक पखवारा पहले एक किराये के मकान में पनाह ले रहे एक अपराधी को पटना पुलिस ने पकड़ा, जिस पर एक चिकित्सक से दो करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप है.
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