घोषणाओं पर अब तक नहीं हुआ अमल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Jan 2015 7:27 AM (IST)
विज्ञापन

मोरवा : हलई ओपी क्ष़ेत्र का इन्द्रवारा पंचायत, नून नदी के तट पर बना बड़ा ही रमणीय आश्रम. यह है निषादों की धर्मस्थली बाबा केवल स्थान. बखान सुन कर तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं पहुंचे थे. मार्च 2010 का वह महीना था जब मुख्यमंत्री ने इसे राजकीय मेला घोषित कर दिया. विवाह भवन, दो मंजिला […]
विज्ञापन
मोरवा : हलई ओपी क्ष़ेत्र का इन्द्रवारा पंचायत, नून नदी के तट पर बना बड़ा ही रमणीय आश्रम. यह है निषादों की धर्मस्थली बाबा केवल स्थान. बखान सुन कर तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं पहुंचे थे. मार्च 2010 का वह महीना था जब मुख्यमंत्री ने इसे राजकीय मेला घोषित कर दिया.
विवाह भवन, दो मंजिला सामुदायिक भवन, बिजली सुविधा, पेयजल, शौचालय, अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करने का वादा कर गये. श्रद्धालुओं को जैसी मन की मुरादें पूरी हो गयी. राजकीय मेले की घोषणा के बाद यहां देश भर से लोगों का आना शुरू हो गया.
आज आलम यह है कि रामनवमी के चार रोज पहले से लेकर चार दिन बाद तक भक्तों का तांता लगा रहता है. एक लाख से ज्यादा लोग इस स्थल पर पहुंचते हैं. दस हजार से ज्यादा बकरे की बलि दी जाती है. इतना सब कुछ होता है, लेकिन सब राम भरोसे क्योंकि पांच साल बीत जाने के बाद भी घोषणाओं पर अमल नहीं हुआ. न पानी टंकी बना और न ही बिजली जली. पेयजल के लिए नून नदी और शौचालय के लिए दरबा चौर सर्वाधिक उपयुक्त जगह साबित हो रहा है.
चार दिनों का राजकीय मेला तो लगता है लेकिन सरकारी सुविधा नदारद दिखती है. मोरवा, सरायरंजन व मोहिउद्दीननगर के मुहाने पर बनी यह धर्मस्थली कई मूलभूत जरूरतों के लिए जूझ रहा है. सारा प्रबंधन मेला कमेटी व ग्राम पंचायत के भरोसे चलता है. लोगों को घोषणाएं अब छलावा लगने लगा है. जब मेले की तैयारी शुरू होती है तो प्रशासन भी हरकत में आता है लेकिन रिजल्ट वही मिलता है. जल्दबाजी में कोई व्यवस्था सही नहीं हो पाती है. जिसका खामियाजा उन श्रद्धालुओं को भोगना पड़ता है, जो दूरदराज से राजकीय मेले की शोभा बढ़ाने यहां आते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










