अपराधियों की पुरानी रंजिश व वर्चस्व को लेकर हुई हत्या
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Dec 2014 10:23 AM (IST)
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छपरा (सारण) : जिले के गड़खा थाना क्षेत्र के मीनापुर गांव में रविवार की रात हुई पिता-पुत्र पर गोलियों से हमले का कारण अपराधियों की पुरानी रंजिश है. अपराधियों द्वारा गोली मारे जाने उपेंद्र राय की मौत हो गयी, जबकि उसके पिता रामनाथ राय को गंभीर अवस्था में पीएमसीएच ले जाया गया है. मारे गये […]
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छपरा (सारण) : जिले के गड़खा थाना क्षेत्र के मीनापुर गांव में रविवार की रात हुई पिता-पुत्र पर गोलियों से हमले का कारण अपराधियों की पुरानी रंजिश है.
अपराधियों द्वारा गोली मारे जाने उपेंद्र राय की मौत हो गयी, जबकि उसके पिता रामनाथ राय को गंभीर अवस्था में पीएमसीएच ले जाया गया है. मारे गये युवक उपेंद्र राय का भाई धर्मेद्र राय अपराधी है, जिसकी अदावत छपरा नगर थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी कुख्यात अपराधी अरुण राय के साथ है. अरुण राय अपने दो साथियों के साथ एक बाइक पर सवार होकर पहुंचा और धर्मेद्र के बारे में उसके पिता व भाई से पूछा, जब दोनों ने कोई जानकारी नहीं दी तो, अपराधियों ने पिता पुत्र को गोलियों से भून डाला. उपेंद्र राय को दो गोली लगी है, जबकि उसके पिता रामनाथ राय को चार गोली लगी है.
शव का कराया पोस्टमार्टम : पुलिस ने उपेंद्र राय के शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया और परिजनों को सौंप दिया. अपराधियों की गोली से घायल रामनाथ राय के बयान पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें शहर के सलेमपुर मुहल्ले के निवासी कुख्यात अपराधी अरुण राय को नामजद किया गया है.
बैंक सुरक्षा गार्ड हत्या कांड से उठा विवाद : नगर थाना क्षेत्र के छपरा कचहरी स्टेशन रोड स्थित एचडीएफसी बैंक की एटीएम से 14 लाख रुपये लूटने के प्रयास से सुरक्षा गार्ड की हत्या 25 अगस्त को हुई थी, जिसमें अरुण राय नामजद है और सुरक्षा गार्ड से लूटी गयी बंदूक को अरुण राय के घर पर कई दिनों तक रखा गया था. इस मामले में अरुण राय का नाम आने के बाद से ही धर्मेद्र राय से विवाद बढ़ गया था और अरुण राय ने धर्मेद्र राय को कई बार धमकी भी दी थी, जिसके भय से धर्मेद्र राय भागते फिर रहा है.
धर्मेद्र-अरुण को तलाश रही है जीआरपी : अरुण राय तथा धर्मेद्र राय शुरू से एक ही गिरोह में काम करते आ रहे हैं और दोनों को छपरा जंकशन रेल थाने की पुलिस लंबे समय से तलाश रही है. इन दोनों को 6 फरवरी, 2013 को छपरा-बलिया रेलखंड पर ताप्ति गंगा एक्सप्रेस में स्वर्ण आभूषण व्यवसायियों से करीब 40 लाख के आभूषण लूट मामले में रेल पुलिस ढूंढ़ रही है. इसके अलावा अफजल मियां, दर्जी मियां और शाहनवाज को भी रेल पुलिस खोज रही है. इस गिरोह का मुख्य सरगना अरुण राय जिसे पकड़ने में पुलिस को कामयाबी नहीं मिली है. आभूषण लूट मामले में नौ अपराधियों को पुलिस जेल भेज चुकी है.
अरुण ने धर्मेद्र को पहले दी थी धमकी : धर्मेद्र राय के घर जाकर हमला करने के पहले अरुण राय ने उसे धमकी दी थी और कई माह से उसकी तलाश में था. इसी क्रम में रविवार की रात अरुण राय ने अपने दो साथियों के साथ धर्मेद्र राय के घर पर धावा बोल दिया. अरुण राय को यह सूचना मिली थी कि धर्मेद्र राय घर पर है. इसी सूचना पर अरुण वहां पहुंचा था. धर्मेद्र के नहीं मिलने पर ही अरुण ने उसके पिता और भाई को गोलियों से भून डाला.
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