पैथोलॉजी का संचालन सीएचसी में करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश

Updated at : 10 Jun 2018 4:53 AM (IST)
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पैथोलॉजी का संचालन सीएचसी में करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश

मांझी(सारण) : मांझी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण करने शनिवार को पहुंचे सदर एसडीओ उस समय दंग रह गये, जब अस्पताल परिसर के अंदर अवैध पैथोलाजी चलते हुए पाया. सदर एसडीओ ने छापेमारी के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई अनियमितताएं पायीं. स्वास्थ्य प्रबंधक,फार्मासिस्ट समेत कई कर्मी बिना सूचना के गायब मिले. अस्पताल से […]

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मांझी(सारण) : मांझी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण करने शनिवार को पहुंचे सदर एसडीओ उस समय दंग रह गये, जब अस्पताल परिसर के अंदर अवैध पैथोलाजी चलते हुए पाया. सदर एसडीओ ने छापेमारी के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई अनियमितताएं पायीं. स्वास्थ्य प्रबंधक,फार्मासिस्ट समेत कई कर्मी बिना सूचना के गायब मिले. अस्पताल से उन्होंने अवैध पैथोलॉजी का संचालन सीएचसी में करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश भी दिया.

हालांकि एसडीओ को देखते ही लैब संचालक लैब बंद कर फरार हो गया. इस दौरान पुलिस ने लैब संचालक की एक मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है. सरकारी अस्पताल में निजी पैथोलॉजी चलने की शिकायत मांझी के समाजसेवी महेश्वर सिंह ने जिलाधिकारी सहित कई पदाधिकारियों से की थी. जिसपर जिलाधिकारी ने एसडीओ को औचक छापेमारी कर आवश्यक कारवाई करने का निर्देश दिया था. एसडीओ ने अस्पताल परिसर में इलाज कराने आये मरीजों से पैथोलॉजी के बारे में पूछताछ की. पूछताछ में थाना बाजार निवासी कमलावती देवी ने बताया कि अपने बेटे का इलाज कराने अस्पताल आयी हूं.

पैथोलॉजिक्ल जांच के लिए 350 रुपयों की मांग की गयी है. बिनटोलीया गांव निवासी सुनील राम ने बताया कि इलाज कराने आये थे. डॉक्टरों ने जांच लिख दी. जांच के लिए गया तो, रुपयों की मांग की गयी. रुपया नहीं होने के कारण वापस चला गया. आज दुबारा जांच कराने आया हूं. बंगरा गांव की पिंकी देवी ने भी बताया कि जांच के लिए 400 सौ रुपया ले लिया गया है.

एसडीओ ने पैथोलॉजी रूम का तोड़वाया ताला
मरीजों के बताये गये पैथोलाजी रूम का ताला तोड़वा कर जांच की. पैथोलाजी रूम को खोलवाने के लिए प्रभारी से कई बार एसडीओ ने कहा, लेकिन प्रभारी ने पैथोलाजी रूम की चाबी नहीं होने की बात कह कर टाल दी. जिसपर एसडीओ ने बीडीओ मिथलेश बिहारी वर्मा तथा थानाध्यक्ष अनुज कुमार पांडेय की मौजूदगी में ताला तोड़वाकर जांच की. जांच के दौरान पंजी में कई खामियां पायी गयीं.
बीडीओ ने दर्ज करायी प्राथमिकी
एसडीओ के निर्देश पर मांझी के प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथलेश बिहारी वर्मा ने अवैध तरीके से चल रहे लैब संचालक के विरुद्ध एक प्राथमिकी दर्ज करायी है. दर्ज प्राथमिकी में सादाब हुसैन को नामजद किया गया है. इस दौरान अस्पताल परिसर से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गयी हैं. इसके पहले भी बीडीओ ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था, जिसमें कई कमियां पायी थीं.
फार्मासिस्ट समेत कई कर्मी मिले गायब
ड्यूटी रोस्टर नहीं मिलने पर उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को फटकार भी लगायी. अस्पताल परिसर में अव्यवस्था देख नाराजगी जतायी. एसडीओ ने ड्यूटी के दौरान बिना सूचना के गायब मिलने वाले कर्मियों से स्पष्टीकरण पूछे जाने का आदेश दिया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाई की जायेगी. अस्पताल में अवैध लैब संचालन होने के मामले में कई पदाधिकारियों तथा कर्मियों पर गाज गिर सकती है. इस मामले में कई पदाधिकारी संदेह के घेरे में हैं.आखिर किस तरह सरकारी अस्पताल में निजी पैथोलॉजी का संचालन हो रहा था. मांझी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहले से ही विवादों के कारण सुर्खियों में रहा है. सरकारी डॉक्टर के बदले झोला छाप डाक्टरों के द्वारा मरीजों का इलाज करना,
निजी पैथोलॉजी का संचालन अस्पताल में करना, रोगी कल्याण समिति, रिक्शा तथा ठेले पर मरीजों का इलाज करना शामिल हैं. प्रभात खबर ने 18 मई के अंक में सड़क दुर्घटना में घायल युवक का ठेले पर इलाज करने की खबर प्रमुखता से छापी थी. खबर छपने के बाद एसीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण किया था. 5 जुलाई को दो बच्चों के साथ महिला की इलाज रिक्शा पर करने की खबर भी प्रमुखता से छापी थी.
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