कॉलेजों में निर्मित पार्कों का नहीं है मेंटेनेंस

Updated at : 11 Jun 2017 3:24 AM (IST)
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कॉलेजों में निर्मित पार्कों का नहीं है मेंटेनेंस

छपरा(नगर) : जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी कॉलेजों में ग्रीन जोन बनाने को लेकर उदासीनता दिख रही है. मेंटेनेंस के अभाव में महाविद्यालयों लगाये गये पेड़-पौधे भी सूख रहे हैं. कॉलेजों को हरा-भरा रखने के उद्देश्य से बनाये गये पार्कों का भी मेंटेनेंस न के बराबर है. कॉलेज में बने पार्कों के मेंटेनेंस के लिये […]

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छपरा(नगर) : जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी कॉलेजों में ग्रीन जोन बनाने को लेकर उदासीनता दिख रही है. मेंटेनेंस के अभाव में महाविद्यालयों लगाये गये पेड़-पौधे भी सूख रहे हैं. कॉलेजों को हरा-भरा रखने के उद्देश्य से बनाये गये पार्कों का भी मेंटेनेंस न के बराबर है. कॉलेज में बने पार्कों के मेंटेनेंस के लिये एक कर्मी की भी नियुक्ति की गयी है

उसके बावजूद भी पेड़-पौधों का समुचित देख-रेख नही हो पाता है. कुछ दिन पूर्व ही जेपीयू के कुलपति प्रो हरिकेश सिंह ने सभी कॉलेजों में एक ग्रीन जोन डेवलप करने की बात कही थी, जिससे महाविद्यालय का वातावरण शुद्ध हो सके और वहां की सुंदरता भी बनी रहे. कुलपति ने विभिन्न कॉलेजों में निरीक्षण के दौरान प्राचार्यों को इस बात का विशेष निर्देश दिया था

कि कॉलेज कैंपस की प्राकृतिक सौंदर्यता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना के कैडेटों की मदद से स्वच्छता अभियान तथा पौधारोपण कार्यक्रम चलाकर ग्रीन जोन बनाने की पहल शुरू करें, लेकिन अधिकतर कॉलेजों ने ग्रीन जोन डेवलपमेंट को लेकर कोई खास सक्रियता नहीं दिखाई. शहर के राजेंद्र महाविद्यालय, रामजयपाल महाविद्यालय, जेपीएम महाविद्यालय तथा जगदम महाविद्यालय में पूर्व से ही पार्क बना हुआ है.

हालांकि इन सभी कॉलेजों में बने पार्कों का कोई खास मेंटेनेंस नहीं होता है. कॉलेज के स्थापना दिवस या फिर किसी अन्य कार्यक्रम के समय कॉलेज कैंपस में बने इन पार्कों की साफ-सफाई करायी जाती है और नये फूल-पौधे लगाये जाते हैं. वर्ष के अन्य दिनों में यह पार्क उदासीनता का शिकार बने रहते हैं और पेड़-पौधों को पानी के लिये भी बरसात पर ही निर्भर रहना पड़ता है.
क्या कहते हैं अधिकारी
कॉलेजों में बने पार्क को मेंटेन किया जाना चाहिए. ग्रीन जोन के निर्माण के लिए प्राचार्यों को निर्देश दिया गया है. कैम्पस को हरा-भरा बनाया जायेगा जिससे वहां की प्राकृतिक सौंदर्यता बनी रहे.
प्रो हरिकेश सिंह, कुलपति, जेपीयू
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