सुदर्शन अपहरण कांड में दोषी को 10 वर्ष सश्रम कैद की सजा
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 29 May 2024 11:07 PM
रोसड़ा अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय उमेश कुमार के कोर्ट ने गत 15 वर्ष पूर्व के हत्या की नीयत से अपहृत युवक के मामले में अहम फैसला सुनाया है.
रोसड़ा : रोसड़ा अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय उमेश कुमार के कोर्ट ने गत 15 वर्ष पूर्व के हत्या की नीयत से अपहृत युवक के मामले में अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने दोषी करार प्राथमिक अभियुक्त विभूतिपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर निवासी योगेंद्र राय के पुत्र नित्यानंद राय एवं इनके साले अप्राथमिक अभियुक्त बेगूसराय जिले के नीमाचांदपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर कुसमोत निवासी शिवजी राय के पुत्र रूपेश कुमार को भादवि की धारा 364/34 के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड व 120 बी के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास व 5 हजार रुपये अर्थदंड देने का आदेश दिया है. अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा देने का आदेश दिया गया है. बता दें कि दोषी ठहराये जाने के बाद दोनों को कोर्ट ने कस्टडी में लेने का आदेश दिया था. इस संबंध में कोर्ट में एसटी नंबर 30/2010 चल रहा था. अपहृत सुदर्शन कुमार (19) के पिता विभूतिपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर निवासी हीरालाल ठाकुर के आवेदन पर विभूतिपुर थाना कांड संख्या 171/2009 दर्ज किया गया था. दर्ज एफआइआर में कहा कि उनका पुत्र सुदर्शन कुमार पिता के कारोबार में मदद करता था. विगत 2.7.2009 को दिन के 2:00 बजे की घटना बताते हुए कहा कि आरोपी नित्यानंद राय (22) उनके घर आया. पुत्र सुदर्शन को बुलाकर अपने साथ ले गया. उसे परिवार वाले रोकने की कोशिश भी की. जब रात भर सुदर्शन घर नहीं आया, तो उसके मोबाइल पर फोन करने पर बताया गया कि 8:00 बजे सुबह में वह घर आयेगा. सुबह में भी सुदर्शन घर नहीं आया. उसी दिन करीब 2:00 बजे आरोपी नित्यानंद ने मिलने पर रोसड़ा में छोड़ने की बात बतायी. रोसड़ा में काफी खोजबीन के बाद भी सुदर्शन के नहीं मिलने पर नित्यानंद से पुनः पूछने पर कभी समसा तो कभी नागोली में सुदर्शन को छोड़ने की बात बतायी. इसके बाद सुदर्शन का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था. कहा है कि आरोपी नित्यानंद के बार-बार अलग तरह से बोलने से ऐसा प्रतीत होता है कि गलत मनसा से धोखा देकर सुदर्शन को कहीं ले गया है. फैसला के दौरान अपर लोक अभियोजक राम कुमार एवं बचाव पक्ष से अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार सिंह मौजूद थे.
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