Samastipur News:पूसा : डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित अंग्रेजी हुकूमत काल से ही बना ईख अनुसंधान संस्थान देश भर के गन्ना उत्पादकों के लिए वरदान बना हुआ है. बेहतर अनुसंधान एवं तकनीकों की दौर में बिहार सरकार गन्ना उत्पादकों को उत्पाद के निर्माण से अधिक से अधिक लाभ दिलाने उद्देश्य से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित कर गुर प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की दिशा में प्रारंभिक पहल की शुरुआत कर दी है. इस बातें की जानकारी देते डॉ देवेंद्र सिंह ने बताया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए बिहार सरकार के गन्ना उद्योग विभाग के माध्यम से 1.31 करोड़ की राशि भी ईख अनुसंधान संस्थान को उपलब्ध करवा दिया गया है. इस राशि से गुर प्रसंस्करण इकाई बनाने के लिए सभी आवश्यक यंत्रों की आपूर्ति की जानी है. इसके अलावा बिहार सरकार की ओर से जल जमाव वाले क्षेत्रों में बेहतर गन्ना उत्पादन के लिए परियोजना, स्टेट वेरायटल टेस्टिंग परियोजना, सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वायल टेस्टिंग लैब खोलने की भी अनुसंशा विवि को प्राप्त हो गई है. वहीं राज्य के ज्यादा से ज्यादा प्रजनक के पास गन्ना के बीज का उत्पादन किया जा सके. निदेशक डॉ सिंह ने कहा कि इन तमाम परियोजना सहित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का मॉनिटरिंग कुलपति डॉ पीएस पांडेय स्वयं कर रहे हैं.
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