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बिहार के इस जिले में बेटियों के लिए शुरू हुई बड़ी पहल, पढ़ाई और शादी में मिलेगी मदद

Updated at : 16 Feb 2026 4:33 PM (IST)
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मां के साथ बेटी (सुकन्या समृद्धि योजना की सांकेतिक तस्वीर)

Sukanya Samriddhi Yojana: समस्तीपुर को ‘सुकन्या जिला’ बनाने की पहल तेज हो गई है. केंद्रीय संचार मंत्रालय की सहमति के बाद डाक विभाग पांच साल से कम उम्र की बच्चियों का सर्वे कर सुकन्या समृद्धि खाते खोलने की तैयारी में है. ताकि बेटियों को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा मिल सके.

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Sukanya Samriddhi Yojana: बिहार के समस्तीपुर जिले को सुकन्या जिला बनाने की पहल शुरू हो गई है. केंद्रीय संचार मंत्रालय की सहमति के बाद डाक प्रमंडल ने प्रस्ताव आगे बढ़ाया है. मार्च से पहले मंजूरी मिलने की उम्मीद है. यदि सब ठीक रहा तो समस्तीपुर इस पहल में देश का पहला जिला बन सकता है.

क्या है सुकन्या जिला का मकसद?

इसका लक्ष्य साफ है. पांच साल से कम उम्र की हर बच्ची तक योजना पहुंचाना. बालिकाओं को दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा देना. उनकी पढ़ाई, शादी और भविष्य के बड़े खर्च में आर्थिक सहारा देना.

घर-घर बनेगा सुकन्या खाता

पहले चरण में नगर निगम क्षेत्र की साढ़े चार हजार बच्चियों की पहचान हो चुकी है. अब दूसरे फेज की तैयारी है. ग्रामीण डाकघरों के तहत आने वाले गांवों में सर्वे होगा. घर-घर जाकर आधार कार्ड बनाया जाएगा. फिर नजदीकी डाकघर में भारतीय डाक विभाग के जरिए सुकन्या समृद्धि खाता खोला जाएगा.

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ से जुड़ी योजना

सुकन्या समृद्धि योजना केंद्र सरकार की अहम पहल है. यह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का हिस्सा है. जिले में अब तक 86 हजार से ज्यादा खाते खुल चुके हैं. विभाग मेगा ड्राइव चला रहा है. थीम है ‘डाकघर खाता हर घर, घर-घर डाकघर’.

250 रुपये से शुरू, 21 साल में पूरा लाभ

इस योजना में 0 से 10 वर्ष की बालिका का खाता खुलता है. शुरुआती जमा राशि सिर्फ 250 रुपये है. 15 साल तक राशि जमा करनी होती है. 21 साल बाद पूरा भुगतान मिलता है. रकम सीधे खाताधारक को दी जाती है.

छोटी बचत से बड़ी ताकत

अभिभावकों को इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है. यह योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का जरिया है. डाक विभाग का संदेश साफ है. छोटी-छोटी बचत, बड़ा भविष्य.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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