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इजरायल पहुंचे US के 12 घातक F-22 जेट्स, PM मोदी भी रवाना; क्या ईरान से छिड़ने वाली है जंग?

Updated at : 25 Feb 2026 12:24 PM (IST)
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US F-22 fighter planes have landed in Israel

अमेरिका के करीब F-22 रैप्टर फाइटर जेट्स

मिडिल ईस्ट एक बड़े युद्ध की कगार पर है. अमेरिका के सबसे घातक F-22 रैप्टर फाइटर जेट्स ने इजरायल में डेरा डाल दिया है. एक तरफ ईरान के साथ परमाणु जंग का खतरा बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ पीएम मोदी की 'ऐतिहासिक' इजरायल यात्रा शुरू हो रही है. क्या दुनिया किसी बड़े सैन्य एक्शन की गवाह बनने वाली है?

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दुनिया की नजरें इस वक्त इजरायल पर टिकी हैं. द टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अमेरिका के करीब 12 F-22 रैप्टर फाइटर जेट्स इजरायल के एक एयरबेस पर उतरे हैं. ये विमान इतने आधुनिक हैं कि इन्हें रडार पर पकड़ पाना लगभग नामुमकिन है. ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस और विमान प्रेमियों ने इन्हें 24 फरवरी की सुबह ब्रिटेन के लेकेनहीथ एयरबेस से उड़ान भरते हुए ट्रैक किया था. वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी दो दिवसीय ऐतिहासिक यात्रा पर इजरायल पहुंच रहे हैं.

हैरानी की बात यह है कि इन लड़ाकू विमानों ने अपने ट्रांसपोंडर (लोकेशन बताने वाला यंत्र) बंद कर रखे थे, ताकि इनकी लोकेशन का पता न चले. हालांकि, इनके साथ चल रहे फ्यूल टैंकर जहाजों के ट्रांसपोंडर ऑन थे. ABC न्यूज ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से इसकी पुष्टि की है कि ये पांचवीं पीढ़ी के विमान दक्षिणी इजरायल के एक बेस पर लैंड कर चुके हैं.

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर 

यह मिलिट्री मूवमेंट ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में गुरुवार को तीसरे दौर की बातचीत होनी है. लेकिन माहौल देखकर ऐसा लग रहा है कि कूटनीति से ज्यादा हथियारों पर भरोसा जताया जा रहा है. इजरायली अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका का ईरान पर हमला अब टाला नहीं जा सकता. चैनल 12 न्यूज के एक अधिकारी ने तो यहां तक कह दिया कि अगर कोई शांतिपूर्ण हल निकलता है, तो वह “साल का सबसे बड़ा सरप्राइज” होगा.

मिलिट्री एयर ट्रैकिंग एलायंस के विशेषज्ञों ने बताया है कि पिछले कुछ दिनों में F-35, F-22, F-15 और F-16 जैसे दर्जनों घातक विमान मिडिल ईस्ट की तरफ भेजे गए हैं.

ट्रंप की चेतावनी- ईरान के पास परमाणु हथियार कभी नहीं होने देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन में ईरान को लेकर कड़े तेवर दिखाए. ट्रंप ने कहा कि ईरान ऐसी मिसाइलें बना रहा है जो न केवल यूरोप बल्कि अमेरिका तक पहुंच सकती हैं. उन्होंने पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमले ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का जिक्र करते हुए कहा कि चेतावनी के बावजूद ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है.

ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि वह कूटनीति पसंद करते हैं, लेकिन दुनिया के सबसे बड़े आतंक समर्थक देश को परमाणु बम बनाने की इजाजत कभी नहीं देंगे. इसी बीच, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने भी अमेरिकी संसद को इस मिलिट्री बिल्ड-अप की गंभीरता के बारे में जानकारी दी है.

पीएम मोदी की ऐतिहासिक यात्रा: इजरायल की संसद में देंगे भाषण

एक तरफ युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर इजरायल पहुंच रहे हैं. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे एक ऐतिहासिक पल बताया है. यह पीएम मोदी की दूसरी इजरायल यात्रा है; इससे पहले वह 2017 में वहां जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे.

इजरायल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने यरुशलम पोस्ट को बताया कि इस यात्रा का सबसे खास पल पीएम मोदी का इजरायली संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करना होगा. ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे.

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सिर्फ रक्षा ही नहीं, डिजिटल पेमेंट और टेक्नोलॉजी पर भी होगा फोकस

भारत और इजरायल के बीच अब रिश्ते सिर्फ बंदूकों और मिसाइलों तक सीमित नहीं रहेंगे. राजदूत जेपी सिंह के मुताबिक, अब दोनों देश फाइनेंशियल सिस्टम, ट्रेड और सीमा पार भुगतान (क्रॉस बॉर्डर पेमेंट) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे. यानी भविष्य में दोनों देशों के बीच पैसे का लेन-देन और व्यापार करना और भी आसान हो जाएगा. पीएम मोदी अपनी इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से भी मिलेंगे. 

नेतन्याहू ने पीएम मोदी को अपना प्रिय मित्र बताते हुए कहा कि यह दो ग्लोबल लीडर्स के बीच एक शक्तिशाली गठबंधन है, जो सुरक्षा और इनोवेशन (नवाचार) के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमले की तैयारी कर चुका है? जिस तरह से अमेरिकी F-22 स्टील्थ फाइटर जेट्स की लैंडिंग हुई है और राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़े तेवर दिखाए हैं, उससे संकेत मिल रहे हैं कि कूटनीति का समय अब खत्म हो रहा है. हैरानी की बात यह भी है कि यह पूरी सैन्य हलचल ठीक उसी समय हो रही है जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल की ऐतिहासिक यात्रा पर हैं.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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