ePaper

Samatipur : 555 स्कूलों में एक शिक्षक पर 40 से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाने की जवाबदेही

Updated at : 17 Oct 2025 7:09 PM (IST)
विज्ञापन
Samatipur : 555 स्कूलों में एक शिक्षक पर 40 से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाने की जवाबदेही

कई विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात 40 से अधिक हो गया है.

विज्ञापन

समस्तीपुर . शिक्षकों के विभिन्न स्कूलों में स्थानान्तरण व नए शिक्षकों के योगदान के बाद लगातार किसी स्कूल में शिक्षकों की कमी तो कही क्लास से दुगुने शिक्षकों के योगदान का मामला लगातार सामने आ रहा है. स्कूलों में शिक्षकों के पदस्थापन में हुई गड़बड़ी की शिकायत के बाद में समीक्षा के क्रम में यह पाया गया है कि नए शिक्षकों के योगदान व शिक्षकों के ऐच्छिक स्थानांतरण के कारण कई विद्यालय शिक्षक विहीन हो गए हैं, जबकि कुछ विद्यालय केवल एक या दो शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं. इसके अलावा, अनेक विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात 40 से अधिक हो गया है, जो शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है. प्राथमिक स्कूलों में कम से कम 3 तो हाई स्कूलों में सब्जेक्ट वाइज शिक्षक होना जरूरी है. जिले के 555 सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात 40 से अधिक है. ये वे स्कूल हैं, जहां हर एक शिक्षक पर 40 से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाने की जवाबदेही है. वही जिले में 25 स्कूलों में केवल दो ही शिक्षक हैं. जबकि एक शिक्षक वाले स्कूल एक है.

81 छात्र का था अनुपात

जिले में वर्ष 2015-16 के दौरान प्रारंभिक स्कूलों में पीटीआर प्रति शिक्षक 81 छात्र का अनुपात हुआ करता था. 2020-21 में इसमें सुधार हुआ और क्लास 1 से 12वीं तक का पीटीआर 42 पर पहुंच गया. इस वर्ष प्राथमिक स्कूल का पीटीआर 47, माध्यमिक स्कूल का पीटीआर 48 और उच्च माध्यमिक स्कूलों का पीटीआर 52 हुआ करता था. अब इसमें काफी सुधार हुआ है और राष्ट्रीय औसत से बेहतर हो गया है. आने वाले समय में इसमें और सुधार होने की संभावन है. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि जिस विद्यालय में छात्र-शिक्षक अनुपात में अंतर होगा, वहां शिक्षकों की पदस्थापन कर संतुलित किया जाएगा. शिक्षा का अधिकार कानून के आलोक में 40 बच्चों पर एक शिक्षक का मानक तय है. शिक्षा विभाग ने अपने निर्देश में जिला शिक्षा पदाधिकारी से कहा है कि शिक्षकों की पदस्थापन को लेकर छात्र-छात्राओं के हित में महत्वपूर्ण सुझाव को अमल में लाने को प्राथमिकता दी जाएगी. वहीं, जिन विद्यालयों में 61 से 90 बच्चों की संख्या है वहां पर तीन शिक्षक होना चाहिए. इसी तरह 91 से 120 बच्चों पर चार शिक्षक होने चाहिए. इसी प्रकार 121 से 200 छात्रों की संख्या रहने पर पांच शिक्षक का प्रविधान है. वहीं, कक्षा छह से आठ के लिए विज्ञान और गणित का एक शिक्षक, सामाजिक अध्ययन का एक शिक्षक और भाषा के एक शिक्षक का होना अनिवार्य है.

डीएम करेंगे अस्थायी प्रतिनियुक्ति

लगातार जिले से आ रही इस समस्या के बाबत शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव ने समस्तीपुर सहित सभी जिले के डीएम को पत्र लिखकर ऐसे स्कूलों की जानकारी मिलने पर उसकी समीक्षा करने तथा अविलंब ऐसे विद्यालयों में अस्थायी प्रतिनियुक्ति के माध्यम से शिक्षकों की आवश्यक व्यवस्था करने को कहा है. जिससे की स्कूलों में पठन-पाठन की प्रक्रिया बाधित न हो. अपर सचिव इस दिशा में जिला स्तर पर त्वरित कार्रवाई किए जाने की बात कही है. इसमें एक शिक्षक विहिन, एक शिक्षक व दो शिक्षक वाले स्कूलों में आवश्यकता अनुसार शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करने को कहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Ankur kumar

लेखक के बारे में

By Ankur kumar

Ankur kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन