आधी रात को सो रहे थे लोग, अचानक डोलने लगी धरती

Updated at : 28 Feb 2025 11:38 PM (IST)
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आधी रात को सो रहे थे लोग, अचानक डोलने लगी धरती

शहर के विभिन्न भागों में मध्य रात्रि करीब 2:36 मिनट पर नेपाल में आये भूकंप के असर से समस्तीपुर के विभिन्न इलाकों की धरती कांपने लगी.

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समस्तीपुर : शहर के विभिन्न भागों में मध्य रात्रि करीब 2:36 मिनट पर नेपाल में आये भूकंप के असर से समस्तीपुर के विभिन्न इलाकों की धरती कांपने लगी. भूकंप की कंपन से लोगों की नींद आधी रात को खुल गई और वो डर के मारे घरों से बाहर निकल आये. शहर के प्रोफेसर काॅलोनी निवासी बिरजू कुमार सिंह ने बताया कि हम लोग सोए हुए थे, अचानक से पलंग हिलने लगा, पंखा हिलने लगा. हम लोगों में दहशत हो गई और सब घर से बाहर निकल आये कि दोबारा वापस भूकंप न आ जाये. इधर, आदर्श नगर स्थित शिक्षक रणजीत कुमार ने बताया कि भूकंप करीब दस से बारह सेकेंड रहा जिससे सभी में डर का माहौल बन गया. सभी अपने घरों में से अपने परिवार वालों के साथ बाहर निकल आये. बहुत देर तक लोग अपने घरों के अंदर नहीं गये क्योंकि उन्हें लग रहा था कि कहीं दोबारा झटके न आ जायें. रिश्तेदारों को फोन कर सूचना दी की भूकंप आया है तो घर से बाहर निकल जाओ. बहुत तेज झटका था अचानक ऐसा लगा कि पूरा घर हिलने लगा है.

– भूकंप करीब दस से बारह सेकेंड रहा जिससे डर का माहौल बन गया

शहर के ताजपुर रोड निवासी सुमित कुमार ने बताया कि जैसे ही भूकंप आया तो घरों के पंखे, दरवाजे और पलंग हिलने लगे. झटका इतना तेज था कि पूरा घर थर-थर कांपने लगा. धरती हिलने लगी और लोगों में डर का माहौल था और वो सदमे थे. बीआरबी कॉलेज के प्रधानाचार्य डा. बीरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है. इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट. क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं. ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है, जिसे टैक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है. ये टैक्टोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर हिलती रहती हैं. जब ये प्लेट बहुत ज्यादा हिल जाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है. इस दौरान एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे आ जाती है. भूकंप की तीव्रता का अंदाजा केंद्र (एपीसेंटर) से निकलने वाली ऊर्जा की तरंगों से लगाया जाता है. इन तरंगों से सैंकड़ो किलोमीटर तक कंपन होता है और धरती में दरारें तक पड़ जाती है. अगर भूकंप की गहराई उथली हो तो इससे बाहर निकलने वाली ऊर्जा सतह के काफी करीब होती है, जिससे भयानक तबाही होती है, लेकिन जो भूकंप धरती की गहराई में आते हैं, उनसे सतह पर ज्यादा नुकसान नहीं होता. समुद्र में भूकंप आने पर ऊंची और तेज लहरें उठती हैं, जिसे सुनामी भी कहते हैं.

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