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Samastipur News:2009 से रसोइयों के मानदेय में एक रुपये की बढ़ोतरी नहीं : संघ

Updated at : 18 Aug 2025 6:57 PM (IST)
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Samastipur News:2009 से रसोइयों के मानदेय में एक रुपये की बढ़ोतरी नहीं : संघ

बिहार राज्य मिड-डे-मील वर्कर्स रसोईया यूनियन सीटू की राज्य कमेटी की बैठक वशिष्ठ राउत को अध्यक्षता में हुई.

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Samastipur News:समस्तीपुर: बिहार राज्य मिड-डे-मील वर्कर्स रसोईया यूनियन सीटू की राज्य कमेटी की बैठक वशिष्ठ राउत को अध्यक्षता में हुई. संचालन राम प्रकाश यादव कर रहे थे. सर्व प्रथम बैठक में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंद वो जनवादी आंदोलन के नेता एस पी तिवारी के साथ साम्राज्यवादी इजरायल द्वारा गाजा में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. बैठक में एजेंडा रखते हुए राज्य महासचिव व्यास प्रसाद यादव ने कहा कि रसोईया के संघर्ष के दबाव में बिहार सरकार द्वारा मिड डे मील वर्कर्स के मानदेय में प्रतिमाह 1650 की बढ़ोतरी की गयी है. जो रसोईया के साथ नाइंसाफी है. इससे रसोईया में निराशा और बढ़ी है. सरकार स्वयं के द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी देना नहीं चाहती है. 90% रसोईया गरीब, विधवा, अति पिछड़ा ,दलित समाज से आते हैं. काम 12 महीना करते हैं. लेकिन मानदेय मात्र 10 महीने का ही दिया जाता है. जो अन्याय है. इसके विरुद्ध मजबूत संघर्ष खड़ा करने के लिए प्रखण्ड स्तर पर कमेटी का निर्माण करना होगा. प्रत्येक रसोईया को यूनियन का सदस्य बना कर रजिस्टर में दर्ज करना आवश्यक है. राज्य अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता ने बैठक में विचार रखते हुए कहा कि यह योजना भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है इसके बावजूद 2009 के बाद आज तक केंद्र की मोदी सरकार अपने अंश में एक रुपया का भी बढ़ोत्तरी तो नहीं ही किया है. ऊपर से शिक्षा बजट में भारी कटौती की है. जिसका असर मिड डे मील पर भी पड़ता है. अभी जो मानदेय में बढ़ोतरी किया गया है वह चुनाव में वोटर को लुभाने के लिए किया गया है. जो रसोईया के गुस्सा को और भी बढ़ा दिया है. मिड डे मील को सरकार निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है. जिसका अधिक नुकसान गरीब छात्रों को होगा. ताजा की जगह छात्र बासी खाना खाने को मजबूर होंगे. इसलिए रसोईया यूनियन मिड डे मील के निजीकरण के विरोध में आम आदमी को गोलबंद कर बड़ा संघर्ष खड़ा करने की योजना बनाई है. इसके लिए सभी सांसद को मिलकर रसोईया को स्थाई करने, निजीकरण पर रोक लगाने तथा पेंशन बीमा आदि का लाभ देने का मांग पत्र सितंबर माह में सौंपा जाएगा. सितंबर माह में ही सभी मध्याह्न भोजन योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी का घेराव निश्चित करना है. अन्य स्कीम वर्कर्स जैसे आशा, कुरियर आदि जो न्यूनतम मजदूरी की लड़ाई लड़ रहे हैं के साथ मिलकर सरकार के विरुद्ध चुनाव में प्रचार अभियान चलाएंगे. बैठक में समस्तीपुर से पूनम देवी, जलेश्वरी देवी, राजेश्वर सिंह, भुनेश्वर पासवान, मधुबनी से वीना देवी, अजय कुमार अमर, सहरसा से विनोद कुमार, खगड़िया से संजीव कुमार, लखीसराय से अजीत कुमार एवं श्री यादव, सुपौल से सदानंद राम, सीतामढ़ी से प्रदीप राय, शिवहर से वशिष्ठ राउत सहित 7 अन्य जिलों के लोगों ने अपने विचार रखे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KRISHAN MOHAN PATHAK

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By KRISHAN MOHAN PATHAK

KRISHAN MOHAN PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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