पूसा में सिंगल बड प्लेटलेट तकनीक पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, 59 किसान ले रहे भाग

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दीप जलाकर प्रशिक्षण का उद्घाटन करते अतिथि, सभागार में मौजूद गन्ना उत्पादक किसान, संबोधित करते डीन सह एसआरआई प्रभारी डॉ मयंक राय | Prabhat Khabar Network

बिहार के पूसा में गन्ना नर्सरी संचालकों के लिए सिंगल बड प्लेटलेट तकनीक पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जानें इसका उद्देश्य और लाभ।

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Samastipur News: गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में सिंगल बड प्लेटलेट आधारित गन्ना नर्सरी की स्थापना एवं संचालन के लिए नर्सरी संचालकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को ईख अनुसंधान संस्थान, पूसा में शुरू हुआ. प्रशिक्षण में 59 किसान और नर्सरी संचालक भाग ले रहे हैं. इसका उद्देश्य किसानों एवं नर्सरी संचालकों को सिंगल बड प्लेटलेट तकनीक से गुणवत्तापूर्ण गन्ना पौध तैयार करने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है.

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दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुई. इसके बाद मुख्य अतिथि डॉ. मयंक राय ने दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया.

उद्घाटन के बाद वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसानों को सिंगल बड प्लेटलेट तकनीक, नर्सरी स्थापना तथा गन्ना पौध उत्पादन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी.

दीप जलाकर प्रशिक्षण का उद्घाटन करते अतिथि, सभागार में मौजूद गन्ना उत्पादक किसान, संबोधित करते डीन सह एसआरआई प्रभारी डॉ मयंक राय | Prabhat Khabar Network
दीप जलाकर प्रशिक्षण का उद्घाटन करते अतिथि, सभागार में मौजूद गन्ना उत्पादक किसान, संबोधित करते डीन सह एसआरआई प्रभारी डॉ मयंक राय | Prabhat Khabar Network

नर्सरी योजना के लाभों की दी जानकारी

धर्मवीर सिंह, उप निदेशक, ईख विकास, पूसा, समस्तीपुर ने किसानों को नर्सरी योजना के लाभों की जानकारी दी. उन्होंने नर्सरी स्थापना के लिए जरूरी तकनीकी मानकों, पौध उत्पादन की प्रक्रिया और नर्सरी के बेहतर संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया.

रेमंत झा, संयुक्त निदेशक, ईख विकास, पटना ने कहा कि बिहार सरकार पहली बार इस प्रकार की नर्सरी योजना संचालित कर रही है. राज्य में नयी चीनी मिलों की स्थापना और पुरानी चीनी मिलों के पुनरुद्धार के लिए पर्याप्त मात्रा में गन्ने की उपलब्धता जरूरी है. ऐसे में नर्सरी योजना की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन से गन्ने के बीज की कमी दूर करने में मदद मिलेगी. इससे राज्य में गन्ना उत्पादन और गन्ने के क्षेत्रफल को बढ़ावा मिलेगा.

दीप जलाकर प्रशिक्षण का उद्घाटन करते अतिथि, सभागार में मौजूद गन्ना उत्पादक किसान, संबोधित करते डीन सह एसआरआई प्रभारी डॉ मयंक राय | Prabhat Khabar Network
दीप जलाकर प्रशिक्षण का उद्घाटन करते अतिथि, सभागार में मौजूद गन्ना उत्पादक किसान, संबोधित करते डीन सह एसआरआई प्रभारी डॉ मयंक राय | Prabhat Khabar Network

स्वस्थ पौध के लिए सेट उपचार जरूरी

डॉ. बलवंत कुमार ने सिंगल बड प्लेटलेट आधारित नर्सरी में पौध उत्पादन की तकनीकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि स्वस्थ और रोगमुक्त पौध तैयार करने के लिए गन्ने के सेट का उपचार बेहद जरूरी है.

डॉ. एसएन सिंह ने किसानों को गन्ने के सीडलिंग उत्पादन, सिंगल बड प्लेटलेट तकनीक, पौधों की देखभाल, रोग प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी दी.

गन्ने की गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने पर जोर

मुख्य अतिथि डॉ. मयंक राय ने कहा कि सरकार किसानों को नर्सरी योजना के माध्यम से गन्ने की गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने का अवसर दे रही है. प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य किसानों और नर्सरी संचालकों को सिंगल बड प्लेटलेट तकनीक से गुणवत्तापूर्ण गन्ना पौध उत्पादन में दक्ष बनाना है.

कार्यक्रम में एसआरआई, पूसा के वरीय वैज्ञानिक डॉ. डीएन कामत, डॉ. सीके झा, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. सुनीता कुमारी मीणा, विकास कुमार, विवेक सिंह, अंसार अहमद और सुधीर प्रसाद शाही सहित अन्य वैज्ञानिक एवं अधिकारी मौजूद रहे.

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