सड़कों पर बरस रही आग, झुलस रही देह

प्रचंड गर्मी ने मानव व पशु-पक्षी को बेहाल कर रखा हैं. आसमान से अंगारे बरस रहे हैं. सुबह होते ही सूर्य की तपिश असर दिखाना शुरू कर रही है.
समस्तीपुर. प्रचंड गर्मी ने मानव व पशु-पक्षी को बेहाल कर रखा हैं. आसमान से अंगारे बरस रहे हैं. सुबह होते ही सूर्य की तपिश असर दिखाना शुरू कर रही है. दस बजते बजते सड़क पर निकलने वाले लोगों की देह झुलसने लगती है. चिलचिलाती धूप और उमस ने लोगों ने बेचैनी बढ़ा दी है. गुरुवार को जिले में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया, छिटपुट बादलों का साथ पाकर न्यूनतम तापमान भी 27.6 डिग्री सेल्सियस बना रहा. दिनभर उमस भरी गर्मी से लोग बिलबिला गये. सुबह से ही तेज धूप थी. जैसे जैसे सरज चढ़ा, बेचैनी बढ़ती गई. उमस भरी गर्मी ने लोगों को सताना शुरू कर दिया. दोपहर से शाम तक लोग बेचैन रहे. आलम यह रहा कि राहगीरों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया. चंद कदम चलते ही वे पसीने से तरबतर हो रहे थे. आवाजाही ज्यादा न होने के कारण बाजार में अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखी. मई की समाप्ति में ही गर्मी ने लोगों के होश उड़ाए हुए हैं. पिछले एक सप्ताह से तापमान के बढ़ने से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है. दिन निकलते ही तेज चिलचिलाती धूप से लोगों को भारी परेशानी हो रही है. दोपहर के समय सड़के सूनी सी हो जाती हैं. लोग हैरान हैं कि अभी यह हाल है तो जून-जुलाई में क्या होगा. तेज धूप लोगों को सड़कों पर आने से जैसे रोक रही है. दोपहर के समय लोग घरों में दुबक जाते हैं, लेकिन जो लोग घरों से निकलते हैं वे धूप से बचने के पहले ही एहतियात कर लेते हैं. अब दिन ब दिन गर्मी प्रचंड रुप लेती जाएगी और जमकर सताएगी. लोगों को राहत की कोई उम्मीद नहीं मिल रहा है. शहर में गर्मी बढ़ने के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बाजार गर्म हो गया है. एसी- कूलर की दुकानों पर लोगों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है. गर्मी पड़ने से एसी कूलर और पंखे के दुकानदार काफी चांदी काट रहे हैं. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के विक्रेता कमल किशोर ने बताया कि इस बार गर्मी में काफी ग्राहक जुट रहे हैं. उन्होंने बताया कि रोजाना 20- 25 पंखे के बिक्री की मांग है. इसके साथ ही कुलर व एसी के भी भारी संख्या में ग्राहक जुट रहे हैं. गर्मी का पारा बढ़ने के साथ ही शहर के विभिन्न चौक- चौराहों पर बेल, सत्तू, गन्ने का रस व अन्य पेय पदार्थ की दुकानें सज गयी हैं. गर्मी से राहत पाने के लिए लोग नहीं चाहते हुए भी बेल सत्तू की दुकान देख कर रुक जा रहे हैं. गला तर करने के बाद ही उन्हें राहत मिल रही है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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