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E-Shiksha Kosh: फोटो एडिटिंग कर शिक्षकों की उपस्थिति बनाने की शिकायत मिलने के बाद डीईओ ने गठित की जांच दल

Updated at : 29 Sep 2024 11:41 PM (IST)
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E-Shiksha Kosh: फोटो एडिटिंग कर शिक्षकों की उपस्थिति बनाने की शिकायत मिलने के बाद डीईओ ने गठित की जांच दल

E-Shiksha Kosh: DEO formed investigation team सभी प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को ई-शिक्षा कोष एप पर उपस्थिति बनानी है.

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E-Shiksha Kosh:समस्तीपुर : जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में कार्यरत सभी प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को ई-शिक्षा कोष एप पर उपस्थिति बनानी है. लेकिन विभागीय दिशा-निर्देश को ताक पर रखकर कुछ शिक्षक कंप्यूटर तकनीक का सहारा लेकर उपस्थिति बना रहे है. माॅनिटरिंग के दौरान शिक्षा विभाग ने इस खेल का पर्दाफाश करते हुए शिक्षकों को सख्त हिदायत दी है. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि विभागीय निदेशानुसार सभी शिक्षकों का ई शिक्षाकोष पर उपस्थिति दर्ज किया जा है. अधिकांश शिक्षकों द्वारा उपस्थिति दर्ज भी किया जा रहा है. लेकिन अन्य जिला में यह मामला प्रकाश में आया है कि शिक्षकों के द्वारा एडिटिंग कर फोटो लगाकर उपस्थिति दर्ज किया जा रहा है. मामले को गंभीरतापूर्वक लेते हुए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि अपने-अपने प्रखंड के ई शिक्षाकोष पर रैण्डमली जांच कर यह आश्वस्त हो ले कि शिक्षकों द्वारा उपस्थिति दर्ज की जा रही है और फोटो उन्हीं का हो, साथ ही फोटो को गौर से देखने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि इसमें छेड़छाड़ किया गया है अथवा नहीं.

E-Shiksha Kosh: DEO formed investigation team: सप्ताह में एक दिन का सभी प्रखंड के 5-5 शिक्षकों की उपस्थिति ई शिक्षाकोष पर रैण्डमली जांच करेंगे एवं उपरोक्त कमियों को देखेंगे.

जिलास्तर पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एसएसए की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें गुणवत्ता समन्वयक अर्जुन कुमार एवं एमआईएस प्रभारी सुजीत कुमार इसके सदस्य होंगे. इनका दायित्व होगा कि सप्ताह में एक दिन का सभी प्रखंड के 5-5 शिक्षकों की उपस्थिति ई शिक्षाकोष पर रैण्डमली जांच करेंगे एवं उपरोक्त कमियों को देखेंगे. यदि किसी शिक्षक की उपस्थिति में त्रुटि / कमी पायी जाती है तो उस शिक्षक पर कठोर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव देंगे. शिक्षा विभाग के एसीएस की सख्ती और कार्रवाई के बाद भी कुछ शिक्षक ई शिक्षा कोश ऐप के माध्यम से हाजिरी नही बना पा रहे है. इसे एसीएस ने गंभीरता से लिया है और ऐप से हाजिरी बनाने पर ही अक्तूबर से वेतन भुगतान की बात कही है. एसीएस ने डीईओ को भेजे पत्र में ऐप से हाजिरी कैसे बनानी है, की विस्तृत जानकारी दी है. ऐप पर हाजिरी के अब दो विकल्प दिए गए है. पहला, प्रधान शिक्षक/शिक्षक के द्वारा स्वयं के मोबाइल से और दूसरा प्रधान शिक्षक के स्कूल एडमिन के माध्यम से. एसीएस ने कहा है कि स्कूल परिसर में हाजिरी बनानी है. अगर स्कूल के किसी विभागीय काम से बाहर है, तो उक्त काम को दर्ज करना है. इस दौरान मोबाइल से ही फोटो खींचकर अपलोड करना है. कोई शिक्षक अपने मोबाइल से हाजिरी बना लेंगे, तो दुबारा हाजिरी प्रधानाध्यापक द्वारा दर्ज नहीं की जा सकेगी. स्कूल की अवधि की समाप्ति के उपरांत प्रधान शिक्षक द्वारा संबंधित शिक्षक के विद्यालय से प्रस्थान करने के क्रम में समय का उल्लेख किया जायेगा. प्रधान शिक्षक के द्वारा शिक्षकों के अवकाश को ऐप पर ही दर्ज किया जायेगा. विद्यालय के प्रधान केवल लिखित आवेदन के आधार पर स्वीकृत अवकाश ही ऐप पर प्रविष्ट करेंगे. किसी विशेष परिस्थिति में किसी प्रधानाध्यापक/शिक्षक द्वारा समय से अवकाश के लिए आवेदन नहीं किया जा सका है, तो सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के बाद अवकाश की प्रविष्टि की जायेगी. ऐसी स्थिति में प्रधानाध्यापक/शिक्षक विशेष द्वारा अवकाश के उपभोग के उपरांत दिये गये लिखित आवेदन के आधार पर सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के बाद ही अवकाश की प्रविष्टि की जायेगी. यदि कोई शिक्षक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाया जाता है, तो उस तिथि की अनुपस्थिति को आकस्मिक एवं अन्य अनुमान्य अवकाश से सामंजित किया जायेगा. कहा गया है कि सर्वर डाउन, नेटवर्क की समस्या या कोई अन्य तकनीकी समस्या के कारण हाजिरी दर्ज नहीं कर पा रहे है, तो ऐसी स्थिति में शिक्षक द्वारा भौतिक रूप से उपस्थिति पंजी में दर्ज उपस्थिति के आधार पर वेतन का भुगतान किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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