तापमान 40 डिग्री के पार, डीएम से स्कूलों का समय बदलने की मांग

Published by : DIGVIJAY SINGH Updated At : 24 Apr 2025 10:34 PM

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जिले में भीषण गर्मी का सिलसिला जारी है. गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है.

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समस्तीपुर . जिले में भीषण गर्मी का सिलसिला जारी है. गर्मी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है. दिन के समय तेज धूप के कारण लोग अपने घरों पर कैद होने पर मजबूर हो गये हैं. इस भीषण गर्मी के कारण स्कूली बच्चों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. शिक्षक संगठनों, छात्र संगठनों व अभिभावकों ने डीएम व डीईओ से सभी स्तर के स्कूलों के संचालन में बदलाव करने की मांग की है. बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सह कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राय, कुमार अनुज, बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ (मूल)के प्रदेश सचिव,बिहार-सह-समस्तीपुर जिलाध्यक्ष कुमार रजनीश ने जिले में दोपहर के समय बढ़ रहे तापमान एवं भीषण गर्मी के कारण छात्रों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना को देखते हुए जिला पदाधिकारी व डीओ से छात्रहित में विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य की समय परिवर्तन करने के लिए आदेश पत्र निर्गत करने की मांग की है. जिले में मौसम बदलाव के कारण काफी तापमान की स्थिति बन गई है. जिससे विद्यालय में छात्रों को भीषण गर्मी एवं तापमान रहने के कारण काफी परेशानी उठाना पड़ा. इधर, मौसम विभाग के पूर्वानुमान अनुसार बढ़ती तापमान को लगातार कई दिनों तक इसी प्रकार की स्थिति बने रहने की संभावना है. इधर, अभिभावकों ने बताया कि दोपहर 12 बजे के बाद से ही बच्चे अत्यधिक गर्मी के कारण विचलित महसूस करते हैं व शिक्षण कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पाता है. दोपहर 12:30 बजे बच्चों की छुट्टी के समय भी अत्यधिक गर्मी व हीटवेव का प्रकोप पहता है. मई-जून में पड़ने वाली गर्मी अप्रैल में ही शुरू हो गई है. छोटे-छोटे विद्यार्थी खुलकर तो कुछ नहीं बोल पाते, लेकिन जिला प्रशासन को तो मानवीय आधार पर अब संवेदनशील होना पड़ेगा. बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए माता-पिता अपनाएं ये तरीके चिकित्सक डा. सुषमा शिखा ने बताया कि बच्चों में गर्मी के दौरान पानी की कमी, हीटस्ट्रोक, डायरिया या थकावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं जो उन्हें चिड़चिड़ा भी बना देती है. ऐसे में माता-पिता को घबराना नहीं चाहिए और अपने बच्चों की पूरी तरह देखभाल करनी चाहिए. बच्चे को ढीले-ढाले, सूती कपड़े से बने हल्के कपड़े पहनाएं, जो पसीने को सोख लेता है. जब आपके बच्चों की बात हो तो कपड़े की परतों का उपयोग करने से बचें. ओवरहीटिंग अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम (एसआइडीएस) से जुड़ा है. बच्चे का कमरा बहुत गर्म या बहुत ठंडा नहीं होना चाहिए. यदि आप एसी चलाते हैं तो बच्चे को नहलाने के तुरंत बाद उस कमरे में न ले जाएं क्योंकि उन्हें सर्दी लग सकती है. बच्चा सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बाहर न निकलें क्योंकि उस समय तापमान बेहद गर्म होता है.अगर आपको बच्चों को घर से बाहर ले जाना है तो उन्हें टोपी पहनाएं. गर्म मौसम में पसीने के कारण बच्चे में पानी की कमी हो जाएगी. इसके साइन बेचैनी और तेजी से सांस लेना हैं. इसलिए, 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को बार-बार स्तनपान कराना चाहिए और छोटे बच्चों को पर्याप्त पानी और अन्य हाइड्रेशन वाली चीजें जैसे छाछ, नींबू पानी या नारियल पानी पिलाएं. बच्चों को स्वस्थ खाना दें. जंक, प्रोसेस्ड, ऑयली और डिब्बाबंद खाने से बचने की कोशिश करें. आइसक्रीम या कोल्ड ड्रिंक देते समय सावधान रहें क्योंकि ये सर्दी और खांसी को आमंत्रित कर सकते हैं.

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