Samastipur News:सिंघिया : नगर पंचायत स्थित ऐतिहासिक डाकबंगला परिसर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित पांच दिवसीय श्रीराम चरित मानस एवं गीता ज्ञान यज्ञ का समापन सोमवार को हुआ. अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. आध्यात्मिक चर्चा के साथ-साथ समाज कल्याण का संदेश दिया गया. संस्थान के संस्थापक गुरुदेव सर्व आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी यादवेंद्रा नंद ने प्रवचन के दौरान कहा कि ब्रह्म ज्ञान प्राप्त कर मनुष्य इस संसार में रहते हुए भी महानता के शिखर को छू सकता है. उन्होंने भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर वध का प्रसंग सुनाते हुए समझाया कि हमारे भीतर व्याप्त सत्व, रज और तम रूपी त्रिगुणों का अंत केवल एक पूर्ण सद्गुरु ही कर सकते हैं. जब शिष्य त्रिगुणातीत अवस्था को प्राप्त करता है, तभी उसके भीतर सद्गुणों का प्रकाश फैलता है. आध्यात्मिक जिज्ञासा रखने वाले 40 श्रद्धालुओं को संस्थान द्वारा ब्रह्म ज्ञान की दीक्षा दी गई. जिसके माध्यम से उन्होंने ईश्वर के साक्षात दर्शन का अनुभव किया. कथा समाप्ति के बाद आयोजित विदाई समारोह में माहौल अत्यंत भावुक हो गया. पिछले कई दिनों से भक्ति रस में डूबे श्रोताओं की आंखें संतों से बिछड़ने के गम में नम हो गई. स्थानीय नगर व ग्राम वासियों ने इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में अपना सराहनीय योगदान दिया. यज्ञ के समापन के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया. इसमें नगर एवं प्रखंड के आसपास के क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया. दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के स्वयंसेवकों ने सुव्यवस्थित ढंग से भंडारे का संचालन किया.
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