25 एकड़ भूमि अधिग्रहित, किसानों ने की उचित मुआवजे की मांग, आंदोलन की चेतावनी

Updated:
विज्ञापन

भारत माला परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में अपनी मांगें उठाते प्रभावित किसान

Bharat Mala Project Samastipur: समस्तीपुर के ताजपुर प्रखंड में भारत माला परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भुगतान नहीं होने से किसानों में आक्रोश है. किसानों का आरोप है कि उचित मुआवजा दिए बिना ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है. जानिए खबर विस्तार से...

विज्ञापन

समस्तीपुर से अंकुर कुमार की रिपोर्ट

Bharat Mala Project Samastipur: जिले के ताजपुर प्रखंड में भारत माला परियोजना के तहत निर्माणाधीन सड़क को लेकर किसानों में भारी नाराजगी है. किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन का उचित मुआवजा दिए बिना ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है. इससे प्रभावित किसानों में आक्रोश व्याप्त है.

यह भी पढ़ें: बूढ़ी गंडक तट पर योग दिवस का आयोजन, नदियों को स्वच्छ रखने का लिया संकल्प

100 से अधिक किसानों की 25 एकड़ से ज्यादा जमीन अधिग्रहित

जानकारी के अनुसार ताजपुर प्रखंड के चकबंगरी, रहीमाबाद और उदयपुर गांव के करीब 100 से 150 किसानों की 25 एकड़ से अधिक भूमि भारत माला परियोजना के रिंग रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई है. प्रभावित किसानों का कहना है कि जमीन का सही मूल्यांकन नहीं किया गया है.

उचित मुआवजा नहीं मिलने का आरोप

किसानों का आरोप है कि सर्किल रेट के अनुसार भी भूमि का मूल्यांकन नहीं किया गया. उनका कहना है कि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है. किसानों का दावा है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया है.

एनएचएआई और भू-अर्जन विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

प्रभावित किसानों ने एनएचएआई और भू-अर्जन विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है. किसानों का कहना है कि उन्होंने अंचल कार्यालय, भू-अर्जन कार्यालय और प्रमंडलीय आयुक्त तक शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके बावजूद संबंधित जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया.

यह भी पढ़ें:समस्तीपुर और सिवान की 471 बेटियों ने लिया देश सेवा का संकल्प, दीक्षांत परेड के बाद झूम उठा परिसर

आंदोलन की चेतावनी

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित मुआवजा भुगतान नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे. उनका कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है. आंदोलन की स्थिति बनने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी.

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा भूमि अधिग्रहण कानून के अनुरूप उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की है. किसानों का कहना है कि विकास कार्यों का वे विरोध नहीं करते, लेकिन उनकी जमीन का न्यायसंगत मूल्य मिलना चाहिए.

यह भी पढ़ें: पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त जारी, जानिए स्टेटस चेक करने से लेकर रजिस्ट्रेशन तक की पूरी प्रक्रिया

विज्ञापन
Purushottam Kumar

लेखक के बारे में

By Purushottam Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन