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Ask for money from the lawyer: जेल अधीक्षक बनकर कैदी के इलाज नाम पर साइबर फ्रॉड ने अधिवक्ता से मांगे 4200 रुपये

Updated at : 05 Oct 2024 11:46 PM (IST)
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Ask for money from the lawyer: जेल अधीक्षक बनकर कैदी के इलाज नाम पर साइबर फ्रॉड ने अधिवक्ता से मांगे 4200 रुपये

Ask for money from the lawyer:

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Ask for money from the lawyer:: समस्तीपुर. सावधान आपके मोबाइल नंबर पर भी साइबर फ्रॉड शातिरों का फोन अलग-अलग नंबर से आ सकते हैं. और भोले- भाले लोगों को अक्सर अपने जाल में फंसा कर शिकार बनाते हैं. ऐसा ही मामला शहर के काशीपुर मोहल्ले के अधिवक्ता शोभाकांत उदय के साथ हुआ है. उनके मोबाइल नंबर पर जेल अधीक्षक बनकर जेल में बंद कैदी के इलाज के नाम पर 4200 रुपये की मांग शनिवार को की गयी है. अधिवक्ता श्री उदय शनिवार की संध्या कैदी के इलाज को लेकर काशीपुर में कई लोगों से बात करने के बाद सदर अस्पताल पहुंचे. जहां पूरी जानकारी दी. कहा कि जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के उत्तरी डुमरी के देवन राय पिछले कुछ महीनों से जेल में शराब बेचने के आरोप में बंद है. जिसे हाईकोर्ट ने बेलग्रांट को लेकर कई नियम संगत आदेश हुए जमानत देने का आदेश दिया है. पांच अक्टूबर को न्यायालय की पूरी प्रक्रिया करने के बाद उसे बेल होने की बात थी. लेकिन, अचानक किसी अधिवक्ता के निधन होने के बाद कोर्ट का कामकाज बंद हो गया. शाम के समय उनके मोबाइल पर एक जेल अधीक्षक के नाम पर फोन आया कि कैदी का बेल होना था.

Ask for money from the lawyer::खून की जरूरत है. जेल के अस्पताल में इलाज चल रहा है. खून का मूल्य ₹ 42 सौ रुपये देने होंगे.

कैदी की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई है. खून की जरूरत है. जेल के अस्पताल में इलाज चल रहा है. खून का मूल्य ₹ 42 सौ रुपये देने होंगे. उन्होंने कहा कि इसकी सूचना परिजन को दी जाएगी. परिजन जब देगा, तब ना पैसा आप देंगे. अपने पास से दे दीजिए. साइबर फ्रॉड ने कहा कि उन्हें अपने पास से मोबाइल के माध्यम से पैसे का भुगतान करें. नहीं तो उसकी मौत हो जाएगी. हालत बहुत खराब है. जब इन्हें आशंका हुई तो कुछ बुद्धिजीवियों से बात की. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर नागमणि राज से मिलकर बात की. उन्होंने जेल के कैदी और अधीक्षक से पूरी बात कर जानकारी ली, तो मामला साइबर फ्रॉड का निकला. जिस नंबर से कॉल आया उस नंबर को जब ट्रू- कॉलर पर डायल किया गया, तो जेल सुपरिटेंडेंट रंजन कुमार के नाम से पहले से किसी ने सेव किया हुआ था. इसकी सूचना उन्होंने नगर थाने को पुलिस को दी है. पुलिस ने बताया कि नंबर की जांच और उस व्यक्ति की जांच की जा रही है. पूरा मामला संतुष्ट होने के बाद वह अपने घर गए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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