Samastipur News:विद्यापतिनगर : धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को पंख देने वाला विद्यापतिधाम पर गाहे बगाहे अधिकारियों की नजर रही है. इस स्थल पर होने वाले महत्वपूर्ण आयोजन को छोड़ दें तो यह स्थल अतिक्रमण व गंदगियों का सालों भर दंश झेलने को मजबूर होता है. जबकि आस्था का सैलाब सालो भर उमड़ता घुमड़ता रहता है. मिथिला के आस्था का केंद्र होने से यहां भक्त और भगवान का हर दिन अभिषेक के साथ सामाजिक व धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं. मैथिल शिरोमणि विद्यापति की यह समाधि भूमि कही जाती है. अन्यान्य भक्ति भाव से महादेव के प्रिय बने. वे महान कवि के साथ भक्त वत्सल कहे जाते हैं. विद्यापतिधाम महादेव व भक्त विद्यापति के स्थल रूप में चर्चित है. कालांतर में इन्हीं मान्यताओं को लेकर महाकवि को श्रद्धांजलि स्वरूप विद्यापति पर्व मनाया जाता था. आगे चलकर धार्मिक परंपरा में परिणत हुआ. फिर विगत 13 वर्षों से विद्यापति पर्व राजकीय समारोह में परिणत हुआ. तेरहवां राजकीय समारोह मनाये जाने की तैयारी अंतिम चरण में है. जहां स्वच्छता का संकल्प गतिमान दिखाई पड़ रहा है. श्रद्धालुओं की माने तो यह खास अवसरों पर ही होता आया है. वरना यहां अतिक्रमण व गंदगियां श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट पहुंचाया करती है. स्वच्छता को लेकर कोई ठोस आदेश या पहल का अभाव यहां कुत्सित भावनाओं को बल प्रदान करता है.
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