गोल्ड लोन में धोखाधड़ी की प्राथमिकी, 72 ऋणकर्ता व पैनल जांचकर्ता नामजद

Updated at : 06 Jan 2025 11:41 PM (IST)
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गोल्ड लोन में धोखाधड़ी की प्राथमिकी, 72 ऋणकर्ता व पैनल जांचकर्ता नामजद

शहर के गोला बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में गोल्ड लोन खाता में जालसाजी व धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ.

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समस्तीपुर : शहर के गोला बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में गोल्ड लोन खाता में जालसाजी व धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ. इस संबंध में बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय राजीव कुमार चौधरी ने नगर थाना में एक आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है. इसमें बैंक शाखा में नकली स्वर्ण आभूषण देकर गोल्ड लोन स्वीकृत कराने वाले 72 खाताधारक समेत बैंक के पैनल स्वर्ण जांचकर्ता को नामजद आरोपित किया है. दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि विभागीय निर्देशानुसार बैंक आफ बड़ौदा गोला बाजार शाखा में स्वर्ण ऋण स्वीकृति करते समय आवेदकों के स्वर्ण आभूषणों की जांच के लिए पैनल जांचकर्ता के रुप में शंभूपट्टी गांव के वार्ड 08 निवासी रामचंद्र साह के पुत्र अमरजीत साह को प्रतिनियुक्त किया गया था. उक्त पैनल स्वर्ण जांचकर्ता द्वारा बैंक शाखा में गोल्ड लोन स्वीकृत कराने वाले 77 खाताधारक के गिरवी रखे स्वर्ण आभूषण की शुद्धता का सही मूल्यांकन नहीं किया गया और गलत रिपोर्ट पेश की गई. बाद में उसी रिपोर्ट के आधार पर बैंक शाखा से गोल्ड लोन के लिए नकली सोना गिरवी रखने वाले 72 खाताधारकों के बैंक अकाउंट पर 1 करोड़ 57 लाख 64 रुपये ऋण स्वीकृत कर दिया गया. वर्ष 2022 में 1 जुलाई को जब आंतरिक लेखा परीक्षण के दौरान दूसरे पैनल जांचकर्ता से 10 गोल्ड लोन धारकों के बैंक में गिरवी रखे स्वर्ण आभूषण की जांच की गई तो इसमें 5 ऋणधारकों के स्वर्ण आभूषण नकली मिला था. बाद में विभागीय निर्देश पर उस 5 ऋणधारकों का बैंक अकाउंट तत्काल बंद कर दिया गया. इसके बाद विभागीय निर्देश पर वर्ष 2022 में 17 अगस्त को बैंक शाखा के शत प्रतिशत स्वर्ण ऋण पोर्टफोलियो का पुन: मूल्यांकन कराया गया. जांचकर्ता के द्वारा इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट वर्ष 2023 में 4 अप्रैल को बैंक शाखा में प्रस्तुत की गई. इसमें पहले गोल्ड लोन स्वीकृत कराने वाले 72 अग्रिम खातों में 1 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य के सोने का आभूषण नकली मिला. अंकेक्षण में जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है पैनल जांचकर्ता ने ऋणधारकों के साथ मिलीभगत करते हुए स्वयं हेतु गलत लाभ के लिए जालसाजी व धोखाधड़ी करते हुए बैंक को वित्तीय नुकसान पहुंचाया है. थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार ने बताया कि आवेदन के आलोक में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी.

पैनल जांचकर्ता की मिलीभगत से बीओबी के ताजपुर रोड शाखा में हो चुकी है धोखाधड़ी

बैंक ऑफ बड़ौदा के पैनल जांचकर्ता अमरजीत कुमार और उसके सहयोगियों की मिलीभगत से ताजपुर रोड शाखा में भी गोल्ड लोन स्वीकृत कराने वाले 25 ऋणधारकों ने नकली स्वर्ण आभूषण गिरवी रखकर 59 लाख 89 हजार बैंक को चूना लगा दिया था. इस बाबत दो माह पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव कुमार चौधरी ने नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें पैनल जांचकर्ता अमरजीत कुमार उसके सहयोगी और ऋणधारकों को नामजद आरोपित किया था.

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