पीएफ खाते में 12.5 % शिक्षा सेवकों की सैलरी से कटेगी

Updated at : 19 Mar 2019 12:58 AM (IST)
विज्ञापन
पीएफ खाते में 12.5 % शिक्षा सेवकों की सैलरी से कटेगी

जन्मतिथि में अंतर के कारण नहीं खुल रहा खाता,आधार में सुधार का निर्देश समस्तीपुर : शिक्षा भवन स्थित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक व साक्षरता) कार्यालय प्रकोष्ठ में सोमवार को विभाग के दिशा निर्देश के आलोक में साक्षरता संभाग से जुड़ी समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. डीपीओ सुनील कुमार तिवारी ने सभी केआरपी को अभियान […]

विज्ञापन

जन्मतिथि में अंतर के कारण नहीं खुल रहा खाता,आधार में सुधार का निर्देश

समस्तीपुर : शिक्षा भवन स्थित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक व साक्षरता) कार्यालय प्रकोष्ठ में सोमवार को विभाग के दिशा निर्देश के आलोक में साक्षरता संभाग से जुड़ी समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. डीपीओ सुनील कुमार तिवारी ने सभी केआरपी को अभियान चलाकर शिक्षा सेवकों व तालीमी मरकज के शिक्षा सेवियों का भविष्य निधि खाता खोलने से संबंधित आदेश दिया ताकि इससे संबंधित लाभ मिल सके. समीक्षा के क्रम में जानकारी दी गयी कि कार्यरत करीब 42 फीसदी शिक्षा सेवकों व तालीमी मरकज के शिक्षा सेवियों के आधार पर दिए गए प्रमाण पत्र में जन्म तिथि अलग अलग होने के कारण खाता खोलने में परेशानी हो रही है.

डीपीओ ने सभी शिक्षा सेवकों व तालीमी मरकज के शिक्षा सेवियों के आधार कार्ड में सुधार करवाने को कहा. बताया गया कि तीन साल से ज्यादा बने हुए आधार कार्ड का क्षेत्रिय कार्यालय आधार केंद्र पटना व तीन साल से कम अवधि के बने हुए आधार कार्ड का जिला स्तर पर सुधार कराने की व्यवस्था है. लेकिन आधार में एक बार ही संशोधन होने की बात कही गयी है.

इसलिए पूरी जागरूकता के साथ संशोधन कराने को कहा गया है. इस संशोधन की प्रक्रिया को जागरुकता के साथ 15 दिनों के अंदर पूरा करने को कहा गया. बैठक के क्रम में डीपीओ ने टोले में कार्यरत शिक्षा सेवकों को सर्वे कर जानकारी उपलब्ध कराने को कहा. बताया गया कि 14 प्रखंड से सर्वे के बाद जानकारी कार्यालय को उपलब्ध करा दिया गया है. वही 2018-19 में बकाया मानदेय का ऋणात्मक प्रतिवेदन देने का भी आदेश दिया गया ताकि भुगतान की प्रक्रिया ससमय किया जा सके.

पहले टोला सेवक के नाम से जाने जाते थे शिक्षा सेवक

जिले के करीब 1500 से अधिक शिक्षा सेवकों को अब भविष्य निधि यानी प्रोविडेंट फंड का लाभ मिलेगा. इसके लिए कार्यरत शिक्षा सेवकों व तालीमी मरकज के शिक्षा सेवियों का भविष्य निधि खाता खुलेगा. भविष्य निधि का लाभ मिलने से इन सभी कर्मियों का भविष्य अब सुरक्षित हो जायेगा. भविष्य निधि खाते में 12.5 फीसदी शिक्षा सेवकों की सैलरी से कटेगी जबकि राज्य सरकार 13.25 फीसदी हिस्सा देगी. शिक्षा सेवक आठ हजार रु पये प्रतिमाह के मानदेय पर संविदा के आधार पर कार्यरत हैं.

इस प्रकार हरेक शिक्षा सेवकों को लगभग दो हजार रुपये इपीएफ फंड में जमा होंगे. बताते चलें कि सेवाकाल में मृत होने पर शिक्षा सेवकों के आश्रितों को चार लाख रुपये की राशि के भुगतान का प्रावधान भी राज्य सरकार द्वारा पहले ही किया जा चुका है. इसका लाभ भी सेवाकाल में मृत शिक्षा सेवकों के आश्रितों को मिलना शुरू हो गया है. अब शिक्षा सेवक भविष्य निधि के लाभ के दायरे में आ गये हैं.

पहले शिक्षा सेवकों को टोला सेवक और तालीमी मरकज शिक्षा सेवियों के रूप में जाना जाता था. जिसका नाम बदल कर राज्य सरकार ने शिक्षा सेवक कर दिया है. सभी शिक्षा सेवक राज्य सरकार द्वारा संचालित महादलित, दलित एवं अल्पसंख्यक अति पिछड़ा अक्षर आंचल योजना के तहत कार्यरत हैं. यह प्रदेश में साक्षरता की राज्य संपोषित योजना है जिसमें इन समुदायों के छह से चौदह आयु वर्ग के बच्चों को विद्यालय पहुंचाने-लाने एवं विद्यालय अवधि के बाद उन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी भी शिक्षा सेवकों के ही जिम्मे है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन