जूट मिल पर 15 करोड़ के गबन की प्राथमिकी दर्ज
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :06 Aug 2017 6:49 AM (IST)
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धोखाधड़ी . मजदूर बंदी के चलते फांकाकशी में जीने को मजबूर कल्याणपुर : रामेश्वर जूट मिल के मजदूर पिछले एक माह से बंदी के कारण फांकाकसी में जीने को विवश हैं़ चार हजार से अधिक मजदूर परिवारों को अब निवाले का संकट सताने लगा है़ इसको लेकर विभिन्न संगठनों के द्वारा आंदोलन भी चलाया जा […]
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धोखाधड़ी . मजदूर बंदी के चलते फांकाकशी में जीने को मजबूर
कल्याणपुर : रामेश्वर जूट मिल के मजदूर पिछले एक माह से बंदी के कारण फांकाकसी में जीने को विवश हैं़ चार हजार से अधिक मजदूर परिवारों को अब निवाले का संकट सताने लगा है़ इसको लेकर विभिन्न संगठनों के द्वारा आंदोलन भी चलाया जा रहा है़ लेकिन प्रबंधन की मंशा मजदूर के विरुद्ध ही नजर आ रही है़
इस घटना क्रम को देखते हुए डीएलसी दरभंगा कुमार गोविन्द ने 474 मजदूरों के ग्रेच्यूटी मद का भुगतान नहीं होने को वित्तीय अपराध मानते हुए सीजेएम समस्तीपुर के यहां वर्ष 2010 से 2017 तक वर्षवार सात प्राथमिकी दर्ज करायी है़ जिसमें प्रबंधन को आरोपी ठहराते हुए मजदूरों के हितों से जुड़े लगभग 15 करोड़ रुपये की राशि गबन करने की बात कही गयी है़ पूर्व से हुये समझौतों के आधार पर मदजूरों संगठनों का आरोप है कि अब तक प्रबंधन के द्वारा दर्जनों बार डीएलसी के समक्ष समझौता किया गया जिसे अब तक प्रभावी नहीं किया जा सका है़ ताजा समझौते के अनुसार प्रबंधन का बताना था
कि बीएसएफसी के द्वारा बकाया भुगतान होते ही मजदूरों के विभिन्न मदों के बकाये का भुगतान शुरू कर दिया जायेगा़ बीएसएफसी अधिकारियों से बात करने पर मिली जानकारी के अनुसार 15 दिनों पूर्व ही जुट मिल प्रबंधन को चार करोड़ से अधिक रुपये का भुगतान किया गया है लेकिन प्रबंधन के द्वारा मजदूर के हित में एक भी रूपये का भुगतान नहीं किया गया़ वैसे मिल से जुड़े मजदूरों का बताना है कि प्रबंधन के द्वारा मजदूरों के सहनशक्ति की परीक्षा ली जा रही है. सब्र का बांध टूटते ही मजदूर कठोर कदम उठाने को विवश होंग़े मजदूर नेता राम बालक पासवान का बताना है कि प्रबंधन ईपीएफ की राशि ट्रस्टी होने के नाते मजदूरों के खाते से अधिकांश राशि की निकासी कर निजी उपयोग में लगा रही है जो वित्तीय अनियमितता है़
वहीं पिछले सितंबर माह से इएसआई की राशि जमा नहीं होने के कारण मजदूरों का इलाज चिहिंत हास्पीटलों में बंद कर दिया गया है़ गार्ड संजय सिंह का बताना है कि पिछले वर्ष ही दिल का ऑपरेशन कर पेसमेकर लगाया गया था़ पुर्नजांच के लिए पटना स्थित हार्ट हॉस्पीटल पहुंचने पर ईएसआई की राशि जमा नहीं होने का हवाला देते हुए इलाज करने से मना कर दिया़ जबकि हर माह इएसआई, इपीएफ सहित अन्य कटौती की जा रही है जो मजदूर के साथ वादा खिलाफी है़
इसे अविलंब दूर नहीं किया गया तो आवश्यक सेवा में लगे लगभग एक सौ मजदूर अचानक कोई कठोर निर्णय लेंग़े उस स्थिति में इसकी पूरी जवाबदेही प्रबंधन की ही होगी़ इस बाबत मिल प्रबंधक आर क़े सिंह ने फिलवक्त कुछ भी जानकारी होने से इनकार किया है़ वहीं डीएलसी का बताना है कि मजदूरों के हितों के लिए विभाग सक्रिय है़ फिलवक्त ग्रेच्युटी मद के भुगतान के लिए सात प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है़ अन्य मामले में भी न्यायिक आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी़
474 मजदूरों का ग्रेच्युटी मद का भुगतान नहीं होने पर डीएलसी ने कराया मामला दर्ज
15 दिन पहले ही जूट मिल प्रबंधन को चार करोड़ रुपये का हुआ भुगतान
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