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कृषि, पशुपालन व मखाना उत्पादन से जुड़ी महिलाओं ने बाजार व प्रशिक्षण की उठायी मांग

Updated at : 14 Jun 2025 6:28 PM (IST)
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कृषि, पशुपालन व मखाना उत्पादन से जुड़ी महिलाओं ने बाजार व प्रशिक्षण की उठायी मांग

कृषि, पशुपालन व मखाना उत्पादन से जुड़ी महिलाओं ने बाजार व प्रशिक्षण की उठायी मांग

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महिला संवाद कार्यक्रम ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में नयी ऊर्जा व उम्मीदें भरी सहरसा . महिला संवाद कार्यक्रम ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में नयी ऊर्जा व उम्मीदें भर दी है. जिले भर में आयोजित इन कार्यक्रमों में महिलाएं उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं. जहां वे ना केवल जानकारी प्राप्त कर रही है. बल्कि अपनी आकांक्षाएं व समस्याएं खुलकर साझा कर रही हैं. यह मंच महिलाओं को ना केवल आत्मविश्वास से भर रहा है. बल्कि उन्हें सशक्त बनाने का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है. जिले के पतरघट की रहने वाली जया कुमारी ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि एक समय ऐसा था जब वह तंगहाली में जीवन बिता रही थी. लेकिन जीविका से मिली मदद ने उनकी जिंदगी बदल दी. आज वह हर वर्ष दो से ढाई लाख रुपये तक की आमदनी कर रही है. उनके अचार की सप्लाई कई जिलों में की जा रही है. उनकी सफलता अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा दे रही है. इन संवादों में महिलाएं अपने गांवों को सुंदर व स्वच्छ देखने की कल्पना भी कर रही हैं. तो कुछ रोजगार व बुनियादी सुविधाओं की जरूरत पर जोर दे रही हैं. सलखुआ प्रखंड की आरती देवी ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से महिलाओं की स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन आया है.अब महिलाएं अपने हक के लिए जागरूक हो रही हैं. शिक्षा, रोजगार एवं सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सुधार से ना केवल आत्मनिर्भरता बढ़ी है. बल्कि भेदभाव व घरेलू हिंसा में भी कमी आयी है. सत्तरकटैया प्रखंड की छात्राओं ने सरकार की पोशाक, साइकिल व छात्रवृत्ति योजना से मिली मदद को साझा किया. उन्होंने बताया कि इन योजनाओं से उन्हें पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिली है. भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग की उन्हें उम्मीद है. इस क्रम में कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी महिलाओं ने प्रशिक्षण, तकनीकी कौशल व वित्तीय सहयोग की आवश्यकता जताई. वहीं मखाना उत्पादन से जुड़ी महिलाओं ने अपने उत्पाद के लिए उपयुक्त बाजार नहीं मिल पाने की समस्या उठाई. उन्होंने बताया कि कम कीमत पर बिचौलियों को मखाना बेचना पड़ता है. जिससे सारा लाभ बिचौलिये ले जाते हैं. महिलाओं ने सीधे बाजार से जोड़ने की मांग की. जिससे उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके एवं वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Dipankar Shriwastaw

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