सहरसा में चंद्रशेखर आजाद व बाल गंगाधर तिलक की जयंती मनाई: कांस्य प्रतिमा स्थापित न होने पर महापौर समेत वक्ताओं ने जताई पीड़ा

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फोटो - सहरसा - श्रद्धांजलि अर्पित करते गण्यमान्य व अन्य | Prabhat Khabar Network

श्रद्धांजलि अर्पित करते गण्यमान्य व अन्य | Prabhat Khabar Network

सहरसा में 'आजाद युवा विचार मंच' ने चंद्रशेखर आजाद और बाल गंगाधर तिलक की जयंती धूमधाम से मनाई. इस अवसर पर प्रतिमा स्थापित न हो पाने पर वक्ताओं ने राजनीतिक कारणों पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया.

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सहरसा स्थित आजाद स्मृति स्थल पर गुरुवार को 'आजाद युवा विचार मंच' के तत्वावधान में अमर शहीद पंडित चंद्रशेखर आजाद एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती धूमधाम व श्रद्धा भाव के साथ मनाई गई. इस अवसर पर आयोजित भव्य पुष्पांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता बनगांव के पूर्व मुखिया धनंजय झा उर्फ भगवान जी ने की, जबकि संचालन संजीव कुमार झा एवं संयोजन अशोक झा लाल ने किया. कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने दोनों महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए सहरसा में पंडित आजाद की प्रतिमा स्थापित न हो पाने पर गहरा दुख और क्षोभ व्यक्त किया.

मुख्य व विशिष्ट अतिथियों ने अर्पित की श्रद्धासुमन

कार्यक्रम में नगर निगम की महापौर बैन प्रिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं. वहीं विशिष्ट अतिथियों में डॉ. रमण झा, शिक्षाविद शैलेंद्र शैली, अधिवक्ता मंटू झा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य शिवेंद्र झा, समाजसेवी बीरबल झा, रोटी बैंक के रौशन माधव और पार्षद अमित चौधरी समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की.

"महान स्वतंत्रता सेनानी पूरे राष्ट्र के होते हैं": महापौर बैन प्रिया

पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद अपने संबोधन में मुख्य अतिथि महापौर बैन प्रिया ने कहा:

महापौर का वक्तव्य: "आजाद युवा विचार मंच द्वारा जनसहयोग से सहरसा में पंडित चंद्रशेखर आजाद की 7.5 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की जानी थी. लेकिन कुछ राजनीतिक कारणों से यह ऐतिहासिक कार्य संभव नहीं हो सका. देश की आजादी के महानायक किसी एक जाति, धर्म या संप्रदाय के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर होते हैं. ऐसे पावन कार्यों में राजनीति से ऊपर उठकर सभी को एकजुट होकर सहयोग करना चाहिए."

संकीर्ण राजनीति के कारण अटका प्रोजेक्ट, लौटाई जा रही चंदे की राशि

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे धनंजय झा (पूर्व मुखिया) और डॉ. रमण झा ने आरोप लगाया कि प्रतिमा का मॉडल तैयार होने के बावजूद राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रशासनिक दबाव के कारण मंच को यह अभियान रोकना पड़ा:

  • जनसहयोग की पहल: मंच का उद्देश्य था कि समाज का हर वर्ग इस प्रतिमा की स्थापना में अपना योगदान दे, लेकिन कुछ लोगों की संकीर्ण मानसिकता के कारण यह सपना अधूरा रह गया.
  • चंदा वापसी शुरू: धनंजय झा ने बताया कि सर्वसम्मति से निर्णय लेकर जनसहयोग से जुटाया गया पैसा वापस किया जा रहा है. अब तक लगभग एक-तिहाई से अधिक लोगों को उनकी सहयोग राशि लौटाई जा चुकी है.
  • मंच ने मांगी क्षमा: शैलेश कुमार झा ने कहा कि जनसहयोग और समाज का अटूट विश्वास मिलने के बावजूद प्रतिमा न लग पाने का भारी मलाल है, जिसके लिए मंच का हर कार्यकर्ता समाज से क्षमाप्रार्थी है.

कार्यक्रम में ये लोग रहे सक्रिय

पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि सभा को सफल बनाने में खुशी भारद्वाज, सूरज झा चुन्नू, शिवम कुमार बिल्लू, रवि कुमार, हर्ष भारद्वाज, भूषण कुमार झा, ऋषभ राज पांडेय सहित दर्जनों युवाओं और मंच के कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई.


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Vinay Kumar Mishra

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By Vinay Kumar Mishra

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