VIDEO: सहरसा में 24 बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर की रिपोर्टिंग करने पहुंचे पत्रकार से सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने की मारपीट

Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

सहरसा में मिड डे मील के बाद 24 बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर की रिपोर्टिंग करने पहुंचे प्रभात खबर के पत्रकार से सदर अस्पताल में मारपीट का आरोप लगा है.

विज्ञापन

Saharsa Journalist Assault : सहरसा में मिड डे मील खाने के बाद 24 बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया. इसी घटना की रिपोर्टिंग करने प्रभात खबर के पत्रकार अभिषेक गजेंद्र मुन्ना अस्पताल पहुंचे थे. वह अस्पताल में बच्चों की स्थिति और पूरे मामले से जुड़ी जानकारी जुटा रहे थे.

विज्ञापन

जानकारी लेने के दौरान शुरू हुई कहासुनी

पत्रकार अभिषेक के मुताबिक, अस्पताल में मामले की जानकारी जुटाने के दौरान एक अस्पताल कर्मी ने उनके साथ बदतमीजी शुरू कर दी. जब उन्होंने संबंधित व्यक्ति से पूछा कि आप कौन हैं, तो आरोप है कि जवाब में कहा गया, "बाप है रे, हम तेरा बाप है."

वीडियो में कथित तौर पर डॉक्टर एसके आजाद का नाम भी लिया जा रहा है. इसके बाद बातचीत धीरे-धीरे विवाद में बदल गयी और मामला बढ़ गया.

कमरे में बंद कर मारपीट का आरोप

आरोप है कि इसके बाद पत्रकार के साथ मारपीट की गयी. इतना ही नहीं, उन्हें एक कमरे में बंद कर पिटाई और बदसलूकी किये जाने का भी आरोप है. वायरल वीडियो में इस दौरान कई लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं. वीडियो में "सब पर केस हो जाएगा" जैसी बातें भी सुनाई दे रही हैं.

रिपोर्टिंग करने पहुंचे पत्रकार के साथ क्यों हुई मारपीट

पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पत्रकार की रिपोर्टिंग या उनके सवालों को लेकर अस्पताल प्रशासन को कोई आपत्ति थी, तो उसका जवाब देने के बजाय उनके साथ कथित तौर पर मारपीट क्यों की गयी. आखिर पत्रकार को कमरे में बंद करने की नौबत क्यों आयी.

पत्रकार किसी घटना की जानकारी जुटाने और उसे सामने लाने के लिए अस्पताल पहुंचे थे. ऐसे में उनके साथ हुई कथित बदसलूकी और मारपीट को लेकर अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.

कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग

24 बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना पहले से ही गंभीर मामला है. इसी मामले की रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार के साथ मारपीट का आरोप सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है. अब सवाल है कि अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है.

पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि पत्रकार के साथ मारपीट व बदसलूकी के आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए.

Also Read : हाजीपुर में देर रात भाजपा नेता के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग, बाइक सवार दो बदमाशों ने चलाई 10 राउंड गोलियां

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन