भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी की तैयारी तेज, मोटरस्पोर्ट्स फेडरेशन को मिला राष्ट्रीय खेल महासंघ का दर्जा

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F1 रेसिंग की तस्वीर (फोटो—सोशल मीडिया)

F1 रेसिंग की तस्वीर (फोटो—सोशल मीडिया)

भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. खेल मंत्रालय ने FMSCI को राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSF) का अस्थायी दर्जा दे दिया है. यह फैसला देश में F1 रेस की वापसी की योजना को गति देगा.

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FORMULA 1 IN INDIA: भारत में फॉर्मूला-1 (Formula 1) की वापसी की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए खेल मंत्रालय ने फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ इंडिया (FMSCI) को अस्थायी (प्रोविजनल) रूप से राष्ट्रीय खेल महासंघ (National Sports Federation-NSF) का दर्जा दे दिया है. मंत्रालय के इस फैसले से सरकार और FMSCI के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे देश में एफ1 रेस की वापसी की योजना को गति मिलने की उम्मीद है.

प्रोविजनल मान्यता प्रदान की गई

खेल मंत्रालय की ओर से 23 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, FMSCI के आवेदन पर विचार करने के बाद उसे तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में प्रोविजनल मान्यता प्रदान की गई है. FMSCI ने इसके लिए 11 जून 2026 को आवेदन किया था.

संविधान में करना होगा बदलाव

मंत्रालय ने चेन्नई स्थित FMSCI, जिसके अध्यक्ष अरिंदम घोष हैं, को निर्देश दिया है कि वह निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने संविधान और मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 (National Sports Governance Act, 2025) के अनुरूप आवश्यक संशोधन करे.

फॉर्मूला-1 की वापसी पर सरकार की नजर

FMSCI और खेल मंत्रालय के बीच लंबे समय से न केवल मान्यता बल्कि भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी को लेकर भी लगातार चर्चा चल रही है. सरकार ने मोटरस्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए राज्य इकाइयों की न्यूनतम संबद्धता से जुड़े कुछ नियमों में भी ढील दी है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में मोटरस्पोर्ट्स के प्रचार और विकास में FMSCI की अहम भूमिका होगी.

नियमों के उल्लंघन पर रद्द हो सकती है मान्यता

खेल मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि यदि FMSCI वित्तीय पारदर्शिता, डोपिंग रोधी नियमों, प्रशासनिक ढांचे या तथ्यों की गलत जानकारी से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसकी मान्यता वापस ली जा सकती है.

फॉर्मूला-1 के लिए बनेगी टास्क फोर्स

पिछले महीने खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने घोषणा की थी कि भारत में बड़े मोटरस्पोर्ट्स आयोजनों की संभावनाओं का आकलन करने के लिए जल्द ही एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा. यह टास्क फोर्स मोटरस्पोर्ट्स आयोजनों से होने वाले आर्थिक, पर्यटन और निवेश संबंधी लाभों का अध्ययन करेगी. साथ ही आवश्यक बुनियादी ढांचे, संचालन और भविष्य की रणनीति पर भी सुझाव देगी. इसमें खेल मंत्रालय, FMSCI, राज्य सरकारों और रेसिंग सुविधाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा.

2028 तक फॉर्मूला-1 रेस कराने का लक्ष्य

खेल मंत्री मनसुख मांडविया का लक्ष्य 2028 तक भारत में फॉर्मूला-1 ग्रां प्री(Grand Prix) का आयोजन कराना है. भारत ने इससे पहले 2011, 2012 और 2013 में ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर फॉर्मूला-1 रेस की मेजबानी की थी. हालांकि, टैक्स और वित्तीय कारणों से बाद में इसे कैलेंडर से हटा दिया गया था.

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Abhijeet Kumar

लेखक के बारे में

By Abhijeet Kumar

अभिजीत कुमार पत्रकारिता जगत में दो वर्षों का अनुभव रखने वाले युवा पत्रकार हैं. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), ढेंकानाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. अपने पेशेवर सफर में उन्होंने रिपोर्टिंग, सब-एडिटिंग, पेज डिजाइन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में कार्य किया है. वर्तमान में वह प्रभात खबर के स्पोर्ट्स डेस्क में कार्यरत हैं, जहां खेल जगत से जुड़ी खबरों के संपादन, लेखन और प्रस्तुतीकरण की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

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