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स्वागत...स्वागत...स्वागत नव वर्ष का

Updated at : 31 Dec 2024 6:02 PM (IST)
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नयी उम्मीद व संकल्प के साथ शहर करेगा शुरुआत विकास के साथ बहे सामाजिकता की बहार जिले के कई मुद्दों पर सकारात्मक कोशिश की है लोगों को उम्मीद दीपांकर / सहरसा आज नये साल का पहला दिन है. हरेक वर्ष की तरह इसका स्वागत करने को भी आम लोग बेसब्र हैं. पहले की पीड़ा, त्रासदी को भूल सहरसा नये साल का स्वागत नये उत्साह व उमंग से करना चाहता है. बीता वर्ष सहरसा के विकास को लेकर मील का पत्थर साबित हुआ. लाइट ओवरब्रिज, मत्स्यगंधा में ग्लास ब्रिज, मेडिकल कॉलेज की घोषणा, सिक्स वे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण का साफ रास्ता और सहरसा रेलवे जंक्शन को कायाकल्प करने की पहल के लिए वर्ष 2024 याद किया जायेगा. हालांकि नया साल चुनावी वर्ष माना जा रहा है. विधानसभा का चुनाव इसी वर्ष होना है. जनप्रतिनिधि से लेकर पूरा सरकारी महकमे के इसी में व्यस्त रहने की संभावना है. बावजूद इस नये वर्ष में आमलोग से लेकर प्रशासन तक कुछ नया और अलग करना चाहता हैं ताकि शहर और जिला एक नयी सोच और संकल्प के साथ आगे बढ सके. सभी नये साल में कुछ न कुछ संकल्प कर रहे हैं. कोई नौकरी तो कोई अच्छा रिजल्ट, कोई नशा त्याग तो कोई अपनी जिंदगी और उससे जुड़े लोगों की सलामती की कोशिश करने की कवायद करने का संकल्प रहा है. कड़वी यादों को भूल शहर एक बार फिर से शुरुआत करना चाहता है. यह तभी हो सकता है जब परिवर्तन होता रहे. शहर का सौंदर्यीकरण, मत्स्यगंधा का जीर्णोंद्धार, सिवरेज सिस्टम, गली मोहल्लों में सड़क, भ्रष्टाचार पर अंकुश, कोसी क्षेत्र का चहुंमुखी विकास यहां के लोगों के नये संकल्प की प्राथमिकता है. अधिकांश शहरवासी इससे इत्तेफाक रखते बताते हैं कि हरेक बीता हुआ वर्ष अपने परिवर्तन व विकास की गतिशीलता के लिए जाना जाता है. भले ही बीते वर्ष में ऐसा न हुआ, लेकिन आने वाले साल 2025 में तो हम यह उम्मीद कर ही सकते हैं. साहित्यकार व चिंतक मुक्तेश्वर मुकेश बताते हैं कि यहां के लोगों में जो सबसे बड़ी कमी देखने को मिल रही है, वह है धीरे-धीरे सामाजिक सहयोग में कमी. इस वर्ष सबसे बड़ी बात, लोगों को सामाजिकता का नया संकल्प लेना होगा. पिछले वर्षों में शहर में हुई घटना व उत्पात के बाद जिसका सबसे ज्यादा अभाव दिखा था, वह था लोगों के बीच आपसी सामंजस्यता का. बीते वर्ष जनप्रतिनिधियों का कद भी घटा, लेकिन आने वाले विधानसभा चुनाव ने राजनीतिक दलों व आमलोगों को मंथन का एक बड़ा अवसर दे दिया है. इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में यह बड़ी भूमिका निभायेगा. इसके अलावा आने वाले साल में लोगों में जागरूकता बढे, प्रशासन को सबसे पहला कदम यही उठाना चाहिए. आने वाले वर्ष में जिले में कई नयी योजनाओं की शुरुआत होगी, जो आने वाली पीढी के लिए एक नया आयाम लिखेगी. पहले की अपेक्षा यातायात व इंफ्रास्ट्रक्चर में थोड़ा बहुत सुधार हुआ है जो आगे भी जारी रहने की संभावना है. आइए, हम सब मिल जिले के विकास और सुख शांति की कामना करें. सबको नववर्ष की शुभकामना.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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