छापेमारी कर तीन बाल श्रमिकों को विभिन्न प्रतिष्ठानों से कराया मुक्त

Updated at : 17 Mar 2026 6:51 PM (IST)
विज्ञापन
छापेमारी कर तीन बाल श्रमिकों को विभिन्न प्रतिष्ठानों से कराया मुक्त

शहर में बाल श्रम के खिलाफ श्रम संसाधन विभाग की ओर से चलाये गये अभियान के तहत मंगलवार को धावा दल ने कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग बच्चों को विभिन्न प्रतिष्ठानों से मुक्त कराया.

विज्ञापन

दोषी नियोजकों के खिलाफ हाेगी प्राथमिकी, देना होगा जुर्माना

सहरसा. शहर में बाल श्रम के खिलाफ श्रम संसाधन विभाग की ओर से चलाये गये अभियान के तहत मंगलवार को धावा दल ने कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग बच्चों को विभिन्न प्रतिष्ठानों से मुक्त कराया. कार्रवाई श्रम अधीक्षक संतोष कुमार झा के नेतृत्व में की गयी. जिसमें पुलिस बल और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम भी शामिल थी. श्रम अधीक्षक संतोष कुमार झा ने बताया कि विभाग द्वारा प्रत्येक मंगलवार को नियमित रूप से धावा दल का संचालन किया जाता है. जिसका उद्देश्य बाल श्रमिकों की पहचान कर मुक्त कराना है. इसी क्रम में मंगलवार को शहर के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गयी. कार्रवाई के दौरान कचहरी चौक स्थित गनीनाथ स्वीट्स, स्टेशन रोड के जेपी लस्सी प्रतिष्ठान और उसके सामने स्थित राजनंदिनी ज्वेलर्स से कुल तीन बच्चों को रेस्क्यू किया गया.

सभी बच्चे 14 वर्ष से कम उम्र के बताए गये हैं. रेस्क्यू किए गए बच्चों को आगे की प्रक्रिया के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा. वहां से उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू होगी, साथ ही, बच्चों की स्थिति को लेकर एसआइआर सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट तैयार की जायेगी. जरूरत पड़ने पर बच्चों को अस्थायी रूप से स्टे होम में रखा जायेगा व श्रम संसाधन विभाग की ओर से उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान की जायेगी. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि संबंधित दोषी नियोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. साथ ही उन्हें 20 हजार रुपये क्षतिपूर्ति राशि जमा करने का नोटिस भी जारी किया जायेगा. यदि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं की जाती है तो सर्टिफिकेट केस के माध्यम से वसूली की जायेगी. इसके अतिरिक्त दोषियों पर 20 से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या 6 माह से 2 वर्ष तक की सजा अथवा दोनों का प्रावधान है. उन्होंने बताया कि बाल श्रम के मामलों में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने सभी प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि नाबालिग बच्चों से काम न लें, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. यह अभियान लगातार जारी रहेगा और बाल श्रम पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए नियमित रूप से छापेमारी की जायेगी. टीम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मनोज कुमार, कोऑर्डिनेटर लूसी झा व सदर पुलिस,बल के जवान शामिल थे.

विज्ञापन
Dipankar Shriwastaw

लेखक के बारे में

By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन