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डॉ राम चैतन्य धीरज के तीन पुस्तकों का हुआ लोकार्पण

Updated at : 24 Nov 2025 5:37 PM (IST)
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डॉ राम चैतन्य धीरज के तीन पुस्तकों का हुआ लोकार्पण

डॉ राम चैतन्य धीरज के तीन पुस्तकों का हुआ लोकार्पण

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सहरसा. मैथिली शब्दलोक के तहत सुपर बाजार स्थित प्रमंडलीय पुस्तकालय में भाषा विचारक डॉ राम चैतन्य धीरज के तीन भिन्न भाषा में लिखित पुस्तक विज्ञान का दर्शन, दर्शन का विज्ञान, एसेंस ऑफ माइंड एवं अलखनंदा शक्ति स्तोत्रम जो क्रमशः हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत में है का लोकार्पण किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय के रसायनशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो प्रेम मोहन मिश्र एवं संचालन डॉ प्रदीप प्रांजल ने किया. अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. मिश्र ने विज्ञान एवं दर्शन के बीच के अंतर संबंधों का जिक्र करते बताया कि भारतीय दर्शन में हमारे आधुनिक विज्ञान के कई सूत्र छुपे हुए हैं. जिन्हें जानने एवं समझने की आवश्यकता है. कुमार विक्रमादित्य ने अपने बीज वक्तव्य में तीनों पुस्तकों पर गंभीरता से प्रकाश डाला. वहीं एजुकेटर्स के डायरेक्टर प्रवीण झा ने प्रस्तुत पुस्तक के कई पहलू पर समांतर रूप से बात कही. उन्होंने कहा कि बिग बैंग के सिद्धांत जिस तरह से लोकप्रिय हुए, वैसी लोकप्रियता बिग क्रंच के सिद्धांत को नहीं मिला. जिसे लेखक ने बहुत ही गंभीरता से लिया है. करीब चार घंटे तक तीनों पुस्तकों पर वक्ताओं ने अपनी समीक्षात्मक टिप्पणी रखी. वक्ताओं में डॉ परितोष कुमार अमर, डॉ व्योमेश विभव झा, डॉ प्रत्यक्षा राज, मुक्तेश्वर मुकेश, रणविजय राज, दिलीप चौधरी शामिल थे. अंत में धन्यवाद ज्ञापन मैथिली शब्दलोक के मुख्तार आलम ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Dipankar Shriwastaw

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