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शहरी क्षेत्र मेंं जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति रहेगी जारी, घरों से निकलने पर पाबंदी

By Prabhat Khabar Print Desk
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सहरसा: जिले मेंं कोरोना से संक्रमित एक मौत हो गयी है. जिसके बाद लोगों में दहशत का आलम बढ़ गया है. जिला प्रशासन भी कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सख्त हो गया है. डीएम कौशल कुमार ने रविवार से 16 जुलाई तक के लिए पांच दिनों तक नप क्षेत्र को पूरी तरह बंद रखने का निर्देश जारी किया है. इस दौरान पूरे शहरी क्षेत्र मेंं आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई जारी रहेगी व लोगों का घरों से निकलने पर प्रतिबंधित रहेगा. वहीं कोरोना संक्रमित शहरी क्षेत्र के एक व्यक्ति की शुक्रवार की देर रात्रि मौत के बाद प्रोटोकॉल के तहत जिला प्रशासन द्वारा परिजनों को जानकारी देकर अंतिम संस्कार शनिवार की सुबह कर दिया है.

डीएम श्री कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी. निजी व सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं, खाद्यान्न व किराना दुकान, डेयरी व उससे संबंधित प्रतिष्ठान, फल, सब्जी की दुकान, दवा की दुकानें, पेट्रोल पंप व रसोई गैस, कुरियर सेवाएं सहित अन्य आवश्यक सेवाएं जारी रहेगी. डीएम ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर मीडिया कर्मियों को जानकारी दी. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन वन की तरह ही शहरी क्षेत्र को पूरी तरह बंद किया जायेगा. जिले मेंं अब तक पाये गये कोरोना संक्रमित मरीजों मेंं आधे से अधिक शहरी क्षेत्र के हैं. इसे देखते हुए शहरी क्षेत्र के लोगों को अधिक सजग रहने की जरूरत है. लॉकडाउन का पूरी सख्ती से पालन किया जायेगा. जिससे संक्रमण को रोका जा सके.

उन्होंने कहा कि इस दौरान आवश्यक वस्तुओं की सेवा विभिन्न शर्तों पर जारी रहेगी. दुकानदारों को बिना मास्क के आने वाले लोगों को उनसे पैसा लेकर मास्क मुहैया कराना होगा व सोशल डिस्टैंसिंग का पूरी तरह पालन कराना होगा. पांच दिनों के लॉकडाउन के बाद लॉकडाउन की समीक्षा की जायेगी. जिसके बाद आगे की स्थिति का निर्णय लिया जायेगा. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि कोरोना संक्रमण की भयावहता को देखते हुए लोग पूरी तरह सतर्क रहें. जरूरत पड़ने पर ही घरों से निकलें व मास्क व सोशल डिस्टैंसिंग का पूरी तरह पालन करें. सभी तरह के सार्वजनिक वाहनों के परिचालन पर रोक लगायी गयी है. जबकि मालवाहक वाहन, एंबुलेंस, सरकारी कार्यों मेंं प्रयुक्त वाहन, आवश्यक सेवाओं से संबंधित वाहनों के परिचालन की अनुमति दी गयी है. इस दौरान नगर परिषद क्षेत्र से होकर गुजरने वाले निजी वाहनों के साथ यात्रा कर रहे लोगों के पास यात्रा के औचित्य से संबंधित साक्ष्य आवश्यक होगा.

कोरोना संक्रमण के दौरान शुक्रवार की देर रात्रि जिले मेंं एक व्यक्ति की मौत हुई है. पिछले तीन माह से अधिक समय मेंं कोरोना संक्रमण से जिले मेंं यह पहली मौत है. डीएम कौशल कुमार ने मौत की पुष्टि करते कहा कि शहरी क्षेत्र के वार्ड 35 के रहने वाले एक व्यक्ति की जांच नौ जुलाई की संध्या मेंं की गयी थी. 10 जुलाई को आयी रिपोर्ट मेंं उन्हें कोरोना पॉजिटिव पाया गया था. मरीज को सांस लेने मेंं कठिनाई हो रही थी. इसे देखते हुए उसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए एंबुलेंस से भागलपुर के लिए 10 जुलाई की देर संध्या रेफर किया गया था. बेहतर इलाज के लिए जाते वक्त ही रास्ते मेंं मरीज की मौत हो गयी है. उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के प्रोटोकॉल के तहत मौत की जानकारी परिजनों को देकर मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि मृतक पूर्व से हृदय रोग से पीड़ित थे व उनका इलाज चल रहा था. उन्होंने कहा कि मृतक के कोरोना संक्रमण की जानकारी मिलते ही ससमय जिला प्रशासन ने इलाज प्रारंभ किया. मरीज की स्थिति अच्छी नहीं देख उसे भागलपुर के लिए एंबुलेंस से रेफर किया गया था.

डीएम ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज की मृत्यु के बाद उस क्षेत्र को कंटेंटमेंंट जोन बनाते हुए तत्काल घेराबंदी कार्य कार्य शुरू कर दिया गया है. क्षेत्र के लगभग दो सौ घरों को सील किया जा रहा है. इस क्षेत्र मेंं सभी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई की जायेगी व लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रहेगा. उन्होंने बताया कि पूरे पांच दिनों की बंदी के दौरान संक्रमण की टेस्टिंग को तेज किया जायेगा. अधिक से अधिक शहरी क्षेत्र के लोगों का कोरोना टेस्ट किया जायेगा. उनके बताया कि संक्रमित मरीज के मौत वाले क्षेत्र मेंं सभी घरों का टेस्ट लिया जायेगा. जिससे संक्रमण को कम किया जा सके.

तटबंध व बांध के बाबत उन्होंने बताया कि संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एलर्ट है. बांध की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है. शुक्रवार की देर संध्या दो लाख 72 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. जबकि शनिवार को यह घटकर 2 दो लाख 50 हजार क्यूसेक हो गया है. उन्होंने बताया कि अभी बांध के अंदर की जनसंख्या को निकालने की जरूरत नहीं पड़ी है. पर्याप्त संख्या मेंं नावों की व्यवस्था की गयी है. जो लोग बांध के अंदर से बाहर निकलना चाहते हैं, उन्हें तत्काल निकाला जायेगा. बांध की सुरक्षा को लेकर पूरी तैनाती की गयी है. अभियंताओं की टीम दिन-रात निगरानी कर रही है.

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