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24 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से बनी गंभीर समस्या, पीने के पानी को भी आफत

Updated at : 02 Aug 2024 5:58 PM (IST)
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24 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से बनी गंभीर समस्या, पीने के पानी को भी आफत

24 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से बनी गंभीर समस्या

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दूसरे दिन भी तेज हवा जारी रहने से गर्मी से राहत, बारिश से शहरी क्षेत्र में जलजमाव की बनी समस्या लोगों को गर्मी से मिली राहत, विद्युत बाधित रहने से पीने के पानी की बनी समस्या सहरसा . गुरुवार को संध्या तेज हवा के साथ हुई मध्यम बारिश से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली, लेकिन अचानक आयी तेज आंधी से जहां जिला मुख्यालय सहित अन्य जगहों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ. वहीं सडकों पर चलने वाले राहगीर तक जख्मी हुए. साथ ही हुई मध्यम बारिश से शहरी क्षेत्र के लगभग सभी वार्डों में जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. पेड़ गिरने से शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी है. पिछले 24 घंटे से आपूर्ति बाधित रहने से घरों में पीने के पानी तक की समस्या हो गयी है. हालांकि बारिश से खेतों में लगे बिचड़े को इस बारिश से नया जीवन मिला है. लेकिन इसके बावजूद धान की रोपनी के लायक बारिश नहीं होने से किसान मायूस रहे. कम बारिश के कारण जिले में अबतक 65 प्रतिशत ही धान की रोपनी हो पायी है. आज भी किसान मॉनसून की झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं. मौसम में आया अचानक बदलाव शुक्रवार को भी जारी रहा. धूप छांव के बीच दिन भर तेज हवा चलती रही. जिससे लोग परेशान दिखे. तेज आंधी व जारी तेज हवा के कारण शहरी क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत बाधित रही. सड़कों पर पेड़ व विद्युत पोल गिरने से गुरुवार की संध्या से ही शहरी क्षेत्र के विभिन्न भागों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही. जिससे लोगों को पानी तक की समस्या झेलनी पड़ रही है. अगवानपुर कृषि विज्ञान केंंद्र के मौसम विभाग के तकनीकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि अगले पांच दिन हल्की से तेज बारिश की पूरी संभावना है. इस दौरान तापमान में गिरावट होगी. उन्होंने बताया कि शुक्रवार को 19 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गयी है. आगे भी मध्यम से तेज बारिश की संभावना बनी हुई है. इसके साथ ही 20 किलोमीटर के रफ्तार से हवा चलने की संभावना है. सभी वार्ड में फिर बनी जल जमाव की स्थिति पिछले दस दिनों से बारिश नहीं होने से शहरी क्षेत्र के लगभग सभी वार्डो में जलजमाव की समस्या समाप्त हो गयी थी. लेकिन गुरुवार को हुई मध्यम बारिश से एक बार फिर से सभी वार्डों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. शहर के मुख्य सड़़क से लेकर सभी वार्डों में जल जमाव पूर्व से ही होता आ रहा है. शहरी क्षेत्र के शिवपुरी, नया बजार, गांधी पथ, रिफ्यूजी कॉलोनी, कोसी कॉलोनी, गंगाजल, गौतम नगर, पंचवटी चौक, बटराहा, अली नगर, मीर टोला, महावीर चौक, हटिया गाछी, तिवारी टोला, सहरसा बस्ती सहित कई अन्य वार्डों में जलजमाव की समस्या खडी हो गयी है. थोडी सी बारिश ने ही लोगों का घरों से निकलना कठिन कर दिया है. अब जबकि मौसम विभाग द्वारा अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जतायी है. ऐसे में एक बार फिर से शहर के अधिकांश वार्ड जल जमाव की चपेट में होंगे. लोगों को अब इसका भय सता रहा है. तेज हवा से गिरे पेड़, बिजली बाधित मौसम में एकाएक गुरुवार की संध्या हुए बदलाव के बाद आंधी के साथ बारिश होने से बिजली की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. शहरी क्षेत्र विभिन्न भागों में पिछले लगभग 24 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित है. साथ ही शुक्रवार को भी जारी तेज हवा के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित बनी हुई है. जिससे लोगों के दिनचर्या पर बड़ा असर पड़ लहा है. खासकर पीने की समस्या गंभीर बनती जा रही है. नया बाजार मुख्य सड़क सहित केंद्रीय विद्यालय के निकट विशाल पेड़ गिरने से जहां एक शिक्षिका गंभीर रूप से जख्मी हो गयी. वहीं विद्युत पोल उखड़ जाने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गयी है. इस बाबत सहायक अभियंता विद्युत ने बताया कि विद्युत आपूर्ति बहाल करने को लेकर कार्य किया जा रहा है. तेज हवा के कारण विद्युत आपूर्ति में समस्या हो रही है. जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जायेगी. धान के बिचड़े लगे थे सूखने पिछले लगभग 10 दिनों से बारिश नहीं होने से किसानों के हाथ पांव फूलने लगे थे. खेतों में लगे धान के बिचड़े सूखने लगे थे. लेकिन गुरुवार की संध्या हुई तेज बारिश ने बड़ी राहत दी. हालांकि आज भी किसानों द्वारा तैयार किये गये खेतों में पूरी तरह में बिचड़े नहीं रोपे गये हैं. आज भी लगभग 40 प्रतिशत रोपनी कम बारिश के कारण प्रभावित है. कृषि विभाग द्वारा 80 प्रतिशत रोपनी किए जाने की बात कही जा रही है. जबकि अगस्त महीने की शुरुआत हो चुकी है. इस समय तक सौ प्रतिशत रोपनी हो जानी चाहिए थी. अधिकांश छोटे किसान आज भी बारिश के इंतजार में हैं कि थोड़ी बारिश भी हो जिससे बिचडे की रोपनी कर सके. किसान आसमान की ओर टकटकी लगाये हैं. जबकि किसानों के जीविका का मुख्य आधार धान की फसल ही है. इसके अच्छे पैदावार से पूरे वर्ष भर किसानों के परिवार का गुजर बसर एवं बच्चों की पढाई होती है. फोटो – सहरसा 02 – वार्ड 20 में जल जमाव . फोटो – सहरसा 03 – नया बाजार में जल जमाव . फोटो – सहरसा 04 – लक्ष्मिनियां चौक मुख्य सडक पर जल जमाव.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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