समय पर आकर भी रूठा मॉनसून, बिजली कटौती और सूखी नहरों ने बढ़ाई किसानों की आफत
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Monsoon: सहरसा जिले में समय पर मानसून के प्रवेश के बावजूद अपेक्षित बारिश नहीं होने से किसान परेशान हैं. खेत तैयार हैं, बिचड़े तैयार हैं, लेकिन पानी के अभाव में धान रोपनी शुरू नहीं हो सकी है. जिले में धान खेती का लक्ष्य 75 हजार 934 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है, लेकिन अब तक 50 एमएम वर्षा भी नहीं होने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है. किसान बारिश की राह देख रहे हैं, जबकि मौसम विभाग की भविष्यवाणियां अब तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं.
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Monsoon: आसमान में बादल आते हैं, उम्मीद जगाते हैं और फिर बिना बरसे लौट जाते हैं. सहरसा के किसान टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मानसून की बेरुखी ने धान की खेती पर संकट खड़ा कर दिया है.
बारिश नहीं होने से धान रोपनी प्रभावित
जिले में अधिकांश किसान धान की खेती पर निर्भर हैं. सामान्य वर्षों में जून के पहले सप्ताह तक करीब 25 प्रतिशत धान रोपनी हो जाती थी, लेकिन इस बार रोपनी की शुरुआत भी नहीं हो सकी है. कुछ किसानों ने पंपसेट के सहारे बिचड़ा तैयार किया है, लेकिन व्यापक स्तर पर खेती के लिए बारिश का इंतजार करना पड़ रहा है.
41.4 एमएम वर्षा में सिमटा जून
अगवानपुर कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम तकनीकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि जून महीने में अब तक मात्र 41.4 एमएम वर्षा दर्ज की गई है. पिछले वर्ष इसी अवधि तक 100 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी थी. हवा में नमी की कमी के कारण बारिश नहीं हो पा रही है. हालांकि अगले दो से तीन दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है.
76 हजार हेक्टेयर में धान उत्पादन का लक्ष्य
जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि जिले में 75 हजार 934 हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है. अब तक करीब 70 प्रतिशत क्षेत्र में बिचड़े का आच्छादन किया जा चुका है. बारिश नहीं होने के कारण कई किसान अब भी बिचड़ा नहीं डाल पाए हैं. रोपनी का कार्य लगभग ठप पड़ा हुआ है.
नहरें सूखी, किसानों की बढ़ी चिंता
सहरसा के कई इलाकों में नहर व्यवस्था होने के बावजूद किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है. नहरों की मरम्मत और जलापूर्ति नहीं होने से अधिकांश नहरें सूखी पड़ी हैं. किसानों का कहना है कि यदि समय पर नहरों में पानी छोड़ा जाता तो खेती को कुछ राहत मिल सकती थी.
बिजली कटौती ने बढ़ाई मुश्किलें
भीषण गर्मी के बीच बिजली की अनियमित आपूर्ति किसानों की परेशानी और बढ़ा रही है. जिन किसानों के पास बिजली चालित पंपसेट हैं, उन्हें भी घंटों बिजली कटौती के कारण सिंचाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में दिन और रात दोनों समय बिजली बाधित रहने की शिकायतें मिल रही हैं.
गर्मी और उमस से जनजीवन बेहाल
बारिश नहीं होने के कारण जिले में गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है. मौसम विभाग लगातार बारिश की संभावना जता रहा है, लेकिन अब तक राहत नहीं मिली है. रविवार को जहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस था, वहीं मंगलवार को यह बढ़कर 36.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. किसान और आम लोग दोनों बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
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