किशोर श्रम अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों पर हुई विस्तृत चर्चा

Updated at : 17 Mar 2026 6:26 PM (IST)
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किशोर श्रम अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों पर हुई विस्तृत चर्चा

समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को सभी हितधारकों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.

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बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए जिला टास्क फोर्स की हुई बैठक

सहरसा. बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए जिला टास्क फोर्स एवं राज्य रणनीति एवं कार्य योजना के तहत समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को सभी हितधारकों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंम श्रम अधीक्षक ने सभी पदाधिकारियों का स्वागत पौधा देकर किया. कार्यशाला में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं सिमरी बख्तियारपुर के साथ पुलिस उपाधीक्षक, जिला शिक्षा पदधिकारी, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा व सभी हितधारक विभाग के पदाधिकारी एवं प्रमंडल के सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मौजूद थे. श्रम अधीक्षक ने सर्वप्रथम बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की चर्चा विस्तार से की.

उन्होंने बताया कि धारा तीन के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रतिष्ठान में नियोजित करना प्रतिबंधित है. धारा तीन ए के तहत 14 से 18 वर्ष के किशोरों का नियोजन खतरनाक कामों में प्रतिबंधित है. धारा तीन एवं धारा तीन ए के उल्लंघन करने पर दोषी नियोजकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाती है. साथ ही धारा 14 (1) एवं 14 (1ए) के तहत नियोजकों को 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या छह माह से दो वर्ष तक की सजा व दोनों दंड दिये जा सकते हैं. उन्होंने बताया कि विमुक्त बाल श्रमिकों को विभाग द्वारा तत्काल पुनर्वास के रूप में तीन हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है. साथ ही विमुक्त बाल श्रमिकों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 हजार रुपये उनके बैंक खाता में 18 वर्ष की आयु तक के लिए फिक्स डिपोजिट किया जाता है. इसके अलावा नियोजक से प्रति बाल श्रमिक क्षतिपूर्ति राशि के रूप में 20 हजार रुपये सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एमसी मेहता बनाम तमिलनाडु राज्य में दिये गये निर्देश के आलोक में जिला बाल श्रम पुनर्वास सह कल्याण कोष में जमा किया जाता है. जमा नहीं करने की स्थिति में उसकी वसूली सर्टिफिकेट केस के माध्यम से की जाती है. उन्होंने कहा कि विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास 18 विभिन्न विभागों के समन्वय से किया जाता है. उन्होंने विभिन्न विभागों की भूमिकाएं एवं जिम्मेदारियों की चर्चा विस्तार से की अंत में कार्यरत बाल श्रमिकों की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800-296-5656 या वॉट्सएप नंबर 9471229133 पर या चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 पर देने की अपील की.

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