अभाविप नगर इकाई ने कुलपति व कुलसचिव का फूंका पुतला

Published by : Dipankar Shriwastaw Updated At : 04 Feb 2026 6:09 PM

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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई नगर मंत्री रोशन कामत के नेतृत्व में भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव का पुतला फूंका गया.

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कहा – किसी प्रकार की विभाजनकारी या उग्र विचारधाराओं को बढ़ावा देने का प्रयास स्वीकार नहीं

सहरसा. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई नगर मंत्री रोशन कामत के नेतृत्व में भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव का पुतला फूंका गया. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा में भारत सरकार की शिक्षा मंत्रालय के श्रेष्ठ स्कीम प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान पीएम उषा के तहत आवंटित राशि को भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा जिहादी मानसिकता सोच को प्रचार-प्रसार में खर्च क्या जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. अभाविप ऐसे जिहादी मानसिकता वाले वक्ता को कभी बिहार के पावन भूमि पर नहीं आने देगा. ज्ञान की पावन भूमि बिहार है. विश्वविद्यालय प्रशासन के लोग जिस कदर पीएम उषा के तहत आवंटित 44 लाख रुपये का बंदरबांट कर राष्ट्र विरोधी ताकतों के ऊपर खर्च करना चाहती है यह कभी अभाविप नहीं होने देगी.

बांग्लादेश के वक्ताओं को बुलाना विवि प्रशासन के जिहादी मानसिकता को दर्शाता है : मोनू

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यसमिति के विशेष आमंत्रित सदस्य मोनू झा ने कहा कि एक तरफ जहां हिंदुओं का बांग्लादेश में खुलेआम कत्ल हो रहा है. वहीं बांग्लादेश के वक्ताओं को बुलाना विश्वविद्यालय प्रशासन के जिहादी मानसिकता को दर्शाता है. जिसे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्वीकार नहीं करेगा एवं आज जब पूरा देश बांग्लादेश के विरोध में है. तब कोसी के पावन धरती पर ऐसे भारत विरोधी लोगों को बुलाना कहां तक उचित है, यह बात भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव को बताना चाहिए. साथ ही यह भी प्रश्न है कि क्या बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर अत्याचार के विषय में वहां के वक्ता खुलकर बांग्लादेश का विरोध करेंगे. विभाग सह संयोजक जयंत जोशी ने कहा कि ज्ञान की पावन भूमि मिथिला में किसी भी प्रकार की उग्र संकीर्ण या समाज को बांटने वाली मानसिकता को बढ़ावा देनेवाले लोगों को बुलाते हैं जो सिर्फ परिषद ही नहीं समाज को भी अस्वीकार है. बांग्लादेश जैसे विभाजनकारी नीति के वक्ताओं को बुलाना विश्वविद्यालय प्रशासन की जिहादी मानसिकता को स्पष्ट दर्शाता है. निश्चित तौर पर विश्वविद्यालय के कुलपति जिहादी मानसिकता के हैं. नहीं तो ऐसी कौन सी परिस्थिति विश्वविद्यालय को आ गयी थी कि बांग्लादेश एवं फिलिस्तीन जैसे देश से वक्ताओं को बुलाना पड़ रहा है. पूरा देश आज बांग्लादेश एवं फिलिस्तीन के खिलाफ है. वहीं शिक्षा के मंदिर में ऐसे विभाजनकारी जिहादी मानसिकता के सोच वाले वक्ताओं को बुलाया जा रहा है. वहीं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सोनू मिश्रा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्पष्ट शब्दों में मांग करती है कि ऐसे सभी व्यक्तियों व गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाय एवं विश्वविद्यालय प्रशासन इस प्रकरण पर सार्वजनिक व स्पष्ट स्पष्टीकरण दें.

नगर मंत्री रोशन कामत ने कहा कि विद्यार्थी परिषद राजभवन व बिहार सरकार से मांग करती है की ऐसे जिहादी मानसिकता के कुलपति को अविलंब प्रभाव से निलंबित कर स्वतंत्र जांच एजेंसी से इनकी गतिविधि को जांच की जाए. मौके पर नगर सह मंत्री रोहन कुमार, सन्नी कुमार, दौलत कुमार, सत्यम कुमार, मौसम कुमार, आदर्श गुप्ता, आकाश कुमार, रितेश यादव, रोहित मंडल, माणिक पासवान, रजत शर्मा, मोहित शर्मा सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे.

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