रेडलाइट एरिया होने की वजह से मोहल्ले में नहीं आती बरात

Published at :28 Mar 2017 4:54 AM (IST)
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रेडलाइट एरिया होने की वजह से मोहल्ले में नहीं आती बरात

विवाह भवन या होटल में आयोजित होता है वैवाहिक समारोह स्थानीय लोगों की परेशानी का नहीं हो रहा समाधान सहरसा : घर-आंगन में बेटी की शादी व विदाई की रस्म सदियों पुरानी परंपरा रही है. भारतीय परंपरा के अनुसार अमीर हो या गरीब इस रिवाज को निभाते आये हैं. उन्हें यह कहने में फख्र होता […]

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विवाह भवन या होटल में आयोजित होता है वैवाहिक समारोह

स्थानीय लोगों की परेशानी का नहीं हो रहा समाधान
सहरसा : घर-आंगन में बेटी की शादी व विदाई की रस्म सदियों पुरानी परंपरा रही है. भारतीय परंपरा के अनुसार अमीर हो या गरीब इस रिवाज को निभाते आये हैं. उन्हें यह कहने में फख्र होता है कि उनके आंगन में बेटी की बरात उतरी. उन्होंने अपने आंगन से बेटी को विदा किया. दूसरी तरफ शहर के वार्ड नंबर 26 स्थित मोहल्ले के पिता इस मामले में अभागे साबित हो रहे हैं. पूर्वजों या अपनी खरीदी जमीन पर कन्यादान का स्वप्न पूरा होने के बजाय वेश्यावृति जैसे सामाजिक कोढ़ का शिकार बनती जा रही है.
जिसके निदान की छटपटाहट स्थानीय जनमानस के चेहरे पर दिख रही है. लेकिन देह व्यापार के धंधे में लिप्त लोगों के पहुंच के सामने जनित अभिशाप जनमानस को लीलता जा रहा है. मोहल्ले के अधिकतर विवाह समारोह होटल, विवाह भवन या अन्यत्र आयोजित किये जा रहे हैं.
स्कूल बस के लिए जाना होता दूर
स्थानीय अभिभावक धीरेंद्र महतो, सुदीप यादव, सुलोचना देवी कहती हैं कि रेडलाइट एरिया की वजह से मोहल्ले की लगभग सौ से अधिक छात्राएं नियमित स्टडी के बजाय पत्राचार माध्यम से डिग्री हासिल कर रही हैं. इन सड़कों से होकर बेटी को बाहर भेजने में हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है. लोगों ने बताया कि जिले के प्रतिष्ठित स्कूलों के प्रबंधन ने मोहल्ले में स्कूल बस भेजने की मनाही कर दी है. इस वजह से बच्चों को निजी साधन से पहुंचाने की मजबूरी बनी हुई है.
पांच सौ लोगों का है समूह
नृत्य व गीत से लोगों का मनोरंजन करने के लिए प्रशासनिक अनुमति से शुरुआती दौर में महज दो परिवार ही रेडलाइट एरिया में तब्दील हो चुके परिवर्तन नगर में पहुंचे थे. जो समय के साथ वेश्यावृति का हब बनता गया. वर्तमान में करीब 200 मतदाता व पांच सौ लोगों का समूह इस बदनाम पेशे को बढ़ावा औा संभ्रांत लोगों को घुटन भरा जीवन दे रहा है.
रेडलाइट एरिया में छापेमारी के बाद छठा दिन
यहां के लोग शादी कार्ड में नहीं देते मोहल्ले का पता
वार्ड नंबर 26 परिवर्तन नगर के समीप रहने वाले सैकड़ो परिवार के साथ दशकों से इस बात का मलाल रह गया कि बेटी व बेटे की शादी में आमंत्रण के लिए बांटे जाने वाले कार्ड में अपने निवास स्थल का वास्तविक पता लिखने की बजाय समीप के दूसरे जगहों का नाम प्रकाशित कराते हैं. स्थानीय शिवेंद्र बताते हैं कि शादी कार्ड पर मोबाइल नंबर अंकित कर काम चलाया जाता है. हालांकि जब दूरदराज के लोग आना चाहते हैं तो उन्हें स्टेशन या बस स्टैंड से ही पिकअप करने की मजबूरी बन जाती है. इसके बावजूद कभी-कभी चर्चित रेडलाइट एरिया खिरयाही का जिक्र भी करना होता है.
टूट भी गयी है दर्जनों रिश्तेदारी
स्थानीय निवासी रमेश, सिकंदर, विकास सहित कई लोग बताते हैं कि बेटा हो या बेटी रिश्तेदारी के दौरान मोहल्ले की वजह से परेशानी होती है. बीते दिन पूर्व मोहल्ले में कई पढ़ी लिखी लड़कियों के रिश्ते महज इन बातों को लेकर टूट गयी कि घर का रास्ता बदनाम गलियों से होकर गुजरता है. स्थानीय लोगों ने बताया कि आसपास के दर्जनों परिवार देह व्यापार का अड्डा बनने के बाद पुश्तैनी जमीन बेच दूसरे मोहल्ले में शिफ्ट कर गये हैं.
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