शराबबंदी के नाम पर सीएम ने लोगों से किया छल

Published at :27 Dec 2015 6:46 PM (IST)
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शराबबंदी के नाम पर सीएम ने लोगों से किया छल

शराबबंदी के नाम पर सीएम ने लोगों से किया छल पहले पूर्ण बंदी फिर सरकारी स्तर पर बिक्री पर लोगों ने दी प्रतिक्रियाप्रतिनिधि, सहरसा बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पूर्व पटना के एसके मेमोरियल हॉल में महिला स्वयं सहायता समूहों में शामिल महिलाओं के लिए ग्राम वार्ता पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार […]

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शराबबंदी के नाम पर सीएम ने लोगों से किया छल पहले पूर्ण बंदी फिर सरकारी स्तर पर बिक्री पर लोगों ने दी प्रतिक्रियाप्रतिनिधि, सहरसा बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पूर्व पटना के एसके मेमोरियल हॉल में महिला स्वयं सहायता समूहों में शामिल महिलाओं के लिए ग्राम वार्ता पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं की मांग पर दोबारा माइक थाम घोषणा किया था कि यदि अगली बार उनकी सरकार बनी तो राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होगी. पांच नवंबर को जीतने व आठ को सरकार गठन के बाद 26 नवंबर को मद्य निषेध दिवस पर उन्होंने पहली अप्रैल से पूर्ण शराबबंदी की घोषणा कर दी तो लोगों में सीएम के प्रति विश्वास बढ़ गया, लेकिन 15 दिसंबर को सरकार के निबंधन, उत्पाद व मद्य निषेध विभाग के आयुक्त ने शराब के लिए गोदाम व खुदरा दुकान के लिए भूमि उपलब्ध कराने की चर्चा की तो खुश हुए लोग एक बार फिर से नाराज हो गए. वे कहने लगे कि शराबबंदी के नाम पर सीएम ने बिहार के लोगों से छल किया है. –बंदी नहीं, सरकारी स्तर पर तैयारीन्यू कॉलोनी के अजय कुमार सिंह ने कहा कि बहुमत पाकर सरकार अंधी हो गयी है. पहले लोगों का विश्वास जीता, फिर घोषणा कर वाहवाही लूटी और अंत में सारी खुशियों पर पानी फेर दिया. रमेंद्र प्रताप बब्बू ने कहा कि यह तो सीएम का सरकारी स्तर पर शराब की दुकानदारी शुरू करने का तिकड़म मात्र था. प्रीति कुमारी ने कहा कि सरकार के इस फार्मूले से गरीबों के घर और भी गरीबी आयेगी. पॉलिथीन वाले देसी शराब पीने वाले महंगी अंगरेजी शराब पीने के लिए अपने घरों का बरतन-बासन, जेवर सहित अन्य सामान बेचेंगे. शराब के लिए चोरी-डकैती, छीनाझपटी-राहजनी, ठगी बढ़ जायेगी. न्यू कॉलोनी की रूपम सिंह ने कहा कि सरकार की इस नीति से भ्रष्टाचार हद तक बढ़ जायेगा. सरकारी काउंटर से किसी भी कीमत पर शराब पाने के लिए लोग भ्रष्टाचार बढ़ायेंगे और अधिकारी-कर्मचारी बढ़ावा देंगे. डीबी रोड की कविता केशरी ने कहा कि काउंटर कम होने का कोई मायने नहीं है. बस, शराब मिलनी चाहिए. पीने वाले कोई भी कीमत चुका कर कही से शराब ले आयेंगे. सीएम यदि राज्य का भला चाहते हैं तो अपनी घोषणा को मूर्त रूप दे. फोटो- शराब 6- रमेंद्र प्रताप बब्बूफोटो- शराब 7- अजय कुमार सिंहफोटो- शराब 8- प्रीति कुमारीफोटो- शराब 9- रूपम सिंहफोटो- शराब 10- कविता केशरी

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